Wed. Jun 24th, 2026

Month: August 2024

सपना, पूजा और प्रदीप्त ने मेधा का जलवा बिखेरा

सपना कुमारी, पूजा कुमारी और प्रदीप्त प्रकाश ने मेधा का जलवा बिखेरा बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। जिसके अनुसार टीपी वर्मा कॉलेज के…

युवक पर चाकू से हमला करने वाले को कोर्ट से 7 साल की कैद।

युवक पर चाकू से हमला करने वाले आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश पीएस मरकाम की अदालत ने आरोपी संजय उर्फ संजू यादव को…

डाँ खंडेलवाल नर्सिंग होम एक्ट के नए नोडल अफसर बनाए गए।

सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ डाँ आरके खंडेलवाल अब नर्सिंग होम एक्ट के नए नोडल होंगे। उन्हे कुष्ठ उन्मूलन टीबी नियंत्रण और आयुष्मान योजना के जिला नोडल की जिम्मेदारी दी गई…

नियम नीति के करें न भंग

गलती करना प्रकृति हमारी, संस्कृति है कर लें स्वीकार। अनुदिन प्रगति हमारी होगी, यदि गलती का करें सुधार।। अपनी गलती के कारण यदि लगे किसी के दिल पर चोट। हमें…

कथा भगवान ब्रह्मा, विष्णु महेश की महत्त बताई

सकल गुजराती समाज जिला दुर्ग द्वारा शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। इसके पहले दिन ब्रह्मा,  विष्णु महेश की महत्त का वर्णन करते हुए व्यासपीठ से नरेन्द्र भाई…

मुख्यमंत्री को बांधी धान की राखी उपहार दिए

दुर्ग की महिलाओ ने रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को राखी बांधी। उड़ान नई दिशा समूह की अध्यक्ष निधि चन्द्राकर सचिव दीपाली मिश्रा के समूह द्वारा तैयार…

लैब टेक्नीशियन परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी 25 को परीक्षा।

प्रयोगशाला तकनीशियन और प्रयोगशाला सहायक की परीक्षा 25 अगस्त को  होगा यह पेपर दो पालियो में होगा इसके लिए प्रवेश पत्र जारी किया गया है। इसे लेकर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा…

चेंबर आज बंद का नही करेगा समर्थन दुकानो खुले रहेगें

छत्तीसगढ़ चेंबर आफॅ कामर्स एंड इंडस्ट्रीय प्रदेश कार्यालय रायपुर द्वारा जारी सूचना में चेंबर आँफ कामर्स द्वारा आज 21 अगस्त को बंद के आहा्रन का समर्थन नही किए जाने की…

निषाद समाज की बैठक में शिक्षा पर जोर दिया गया।

गांव  कोल्हिापुरी में युवा प्रकोष्ठ द्वारा भरदा चंगोरी परिक्षेत्र में सामाजिक जन जागरुकता अभियान का आयोजन किया गया। इसमें संतोषी निषाद महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष और विरेन्द्र निषाद युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष…

कल्याण काँलेज में कंप्यूटरों की संख्या बढ़ाने एबीवीपी ने की मांग।

भिलाई अखिल भारतीय विद्याार्थी परिषद ने कल्याण काँलेज प्रबंधन को काँलेज की विभिन्न  प्रकार की उलझन   समस्याओं से सावधान  करा उन्हें सुधारे जाने की मांग की। एबीवीपी कार्यकर्ता अक्षय मिश्रा…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया