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बेतिया:  सशस्त्र सीमा बल 44 वीं वाहिनी नरकटियागंज के क्वार्टर गार्ड प्रागण में ‘पुलिस स्मृति दिवस’ 21 अक्टूबर 2023 के उपलक्ष्य में सभी बलकर्मियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी स्मृति में मौन धारण किया। क्षेत्रक मुख्यालय बेत्तिया के उप-महानिरीक्षक सुरेश सुब्रमण्यम ने  विगत 01 वर्ष में शहीद हुए केद्रीय पुलिस बलों के 189 जवानों का नाम पढ़कर सुनाया। उप-महानिरीक्षक सुरेश सुब्रमण्यम ने बताया गया कि पुलिस स्मृति दिवस भारत में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। उपर्युक्त दिन उन पुलिसकर्मियों को याद करने के लिए समर्पित है जो देश की सेवा करते हुए शहीद हुए हैं। इस दिन पुलिस में सेवा करने के दौरान शहीद होने वाले कर्मचारियों को याद किया जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। इस दिवस को पुलिस शहीद दिवस के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर, 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में सीआरपीएफ की एक टुकड़ी पर चीनी सेना द्वारा घात लगाकर किए गए हमले से शुरू होता है। इस हमले में सीआरपीएफ के 10 जवान शहीद हो गए थे। इनमें से 7 जवान सीआरपीएफ की तीसरी बटालियन के थे, जबकि 3 जवान अन्य राज्य पुलिस बलों के थे। घटना के पूरे तीन सप्ताह बाद, 13 नवंबर, 1959 को चीनियों ने दस कर्मियों के शव लौटाए। शहीद जवानों में से एक करम सिंह थे, जिन्हें इस हमले में नेतृत्व करते हुए शहीद हुए थे। करम सिंह को वीरता के लिए मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था।


इस घटना के बाद, जनवरी 1960 में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में यह निर्णय लिया गया कि अब से 21 अक्टूबर को “पुलिस स्मृति दिवस” / पुलिस शहीद दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस साल, 21 अक्टूबर, 2023 को पुलिस स्मृति दिवस की 65वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रक मुख्यालय बेत्तिया के उप-महानिरीक्षक श्री सुरेश सुब्रमण्यम, क्षेत्रक मुख्यालय बेत्तिया एवं 44 वाहिनी के अधिकारीगण एवं अन्य बल कार्मिक सहित लगभग 200 की उपस्थिति रही। उपर्युक्त जानकारी एसएसबी मुख्यालय 44 वीं वाहिनी नरकटियागंज की प्रचार शाखा ने मीडिया कर्मियों को दी।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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