Fri. Mar 1st, 2024

दुर्ग:-जिला के दुर्ग ब्लाक की पुरई ग्राम पंचायत की दिव्यांग बिसमत निषाद मनरेगा में मेट का काम करती हैं। मनरेगा के जरिए गांव के लिए कुछ कर गुजरने का हौसला रखने वाली बिसमत आज महिलाओं की आदर्श बन गई हैं रोजगार सहायक उज्जयला सिंह टंड़न बताते हैं कि 38 वर्षीय बिसमत एक पैर से दिव्यांग हैं और वर्ष 2008 से गांव में महिला मेट की भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही है। मेट बनने के बाद उन्होंने गांव मे अमृत सरोवर तालाब कच्ची एवं पक्की नाली का निर्माण का कार्य करवाया है। बिसमत की सक्रियता से महिला श्रमिकों की भागीदारी बढ़कर 80 प्रतिशत पर पहुंच गई है। गांव में महिलाओं के बीच अपने सरल व्यवहार को लेकर लोकप्रिय बिसमत निषाद ने अपनी लगनशीलता के बलबुते महिलाओ की भागीदारी को 50 प्रतिशत बनाकर रखा है। फरवरी 2023 तक गांव में कुल रोजगार प्राप्त 740 परिवार श्रमिकों में से 742 महिला श्रमिकों को 24502 मानव दिवस को रोजगार मिल चुका हैं।

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