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हृदयानन्द सिंह यादव की रपट
बेतिया। 31 मार्च 2019 के बाद प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों का वेतन कम करने की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करने की मांग परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ ने की है। उपर्युक्त जानकारी देते हुए जिला अध्यक्ष नंदन कुमार ने कहा कि अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा से संबंधित समादेश याचिका में उच्च न्यायालय के पारित आदेश के आलोक में आलोक में ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति अप्रशिक्षित शिक्षक के रूप में अथवा अनुकंपा के आधार पर अप्रशिक्षित शिक्षक के रूप में हुई है तथा जिन्होंने दिनांक 31 मार्च 2019 के बाद एवं दिनांक 19 अक्टूबर 2022 तक प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया हो वह सेवा में बने रहेंगे। ऐसे सभी शिक्षक को उनकी प्रशिक्षण तिथि से नवनियुक्त माना जाएगा तथा उनकी सेवा की गणना तदनुसार की जाएगी। इनके प्रशिक्षण से पूर्व की सेवा की गणना नहीं की जाएगी। साथ ही ऐसे शिक्षक जो 19 अक्टूबर 2022 तक अप्रशिक्षित रह गए हैं, उन्हें नियमानुसार विधिवत प्रक्रिया का पालन करते हुए उनकी सेवा समाप्त की जाएगी।
नंदन कुमार ने कहा कि उपर्युक्त न्यायादेश के माध्यम से उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था संविधान की समवर्ती सूची के अंतर्गत आता है। इसलिए राज्य सरकार शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं नियुक्ति से संबंधित सेवा शर्तें निर्धारित करने के लिए स्वतंत्र रूप से सक्षम है। वर्णित स्थिति में विभाग के शिक्षकों की सेवा और उनके भविष्य का संरक्षण किया जाना चाहिए था किंतु शिक्षक हित में निर्णय लेने के बदले विभाग 31 मार्च 2019 के बाद प्रशिक्षित शिक्षकों को उनके परीक्षा फल प्रकाशन की तिथि से नवनियुक्त मानने का भ्रामक निर्देश जारी कर दिया है। इस दिशा निर्देश के अनुपालन में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना पश्चिम चंपारण भी ऐसे शिक्षकों का वेतन निर्धारण करने एवं परीक्षाफल प्रकाशन की तिथि से नवनियुक्त मानने का आदेश दे दिया है। जिससे शिक्षकों का 5 से 7 हजार तक का वेतन कम करके नया वेतन निर्धारण किया जा रहा है, जबकि उच्च न्यायालय ने जो आदेश दिया है। उसका आशय है नवप्रशिक्षित शिक्षकों की वरीयता का निर्धारण करना न कि पूर्व में दिए जा रहे वेतन के पुनर्निर्धारण, संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को ज्ञापन देकर मांग किया है। शिक्षकों को पूर्व से मिल रहे वेतन के संदर्भ में स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं और 31 मार्च 2019 के बाद प्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन कम करके किए जा रहे पुनर्निर्धारण पर रोक लगाई जाए।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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