Tue. Jun 23rd, 2026

शराब से भरी कार चौतरवा में एक झोपड़ी में घुसा

बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला में शराब का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की सुबह

विदेशी शराब लदी एक अनियंत्रित कार चौतरवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव निवासी रुदल प्रसाद की झोपड़ी में घुस गई। बताया गया है कि कार यूपी से शराब लादकर बांसी होकर बिहार के धनहा थाना की जांच चौकी गौतमबुद्ध सेतु पार कर गई। नदी थाना की जांच चौकी पार कर रतवल तथा रतवल से चौतरवा की ओर जाने के क्रम में लक्ष्मीपुर मोड़ पर झोपड़ी में घुस गई। उसके बाद उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ ने कार में लदी शराब लूट लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शराब की रेपड, टूटा फूटा शराब की बोतलें बिखरा हुआ कार्टून तथा खाली पड़े एक कार को बरामद किया है। कार की चालक कार को छोड़ फरार बताया जा रहा है।

बताया जाता है कि कार में लदी शराब की खेप यूपी से बिहार के चौतरवा के लिए चली। पहले यूपी तथा बिहार क चौतरवा थाना की रोहुआ नाला चेकपोस्ट के अतिरिक्त भितहा थाना के नवगवा चेक पोस्ट पार कर चौतरवा में लगातार शराब की खेप कैसे पहुंचता है? यह बगहा पुलिस की कार्यप्रणाली प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है, और महत्वपूर्ण जांच का विषय है। उन सभी चेकपोस्टों से बिना जांच कोई सवारी/व्यवसायिक गाड़ी नही निकलती है। सभी चेक पोस्ट पर 24/7 पुलिस तैनात रहती है। प्रबुद्धजनों का कहना है कि पुलिस की मिली भगत से तथा भीआईपी गाड़ियों से विदेशी और देशी शराब की तस्करी अनवरत की जा रही है।

इस बावत चौतरवा थानाध्यक्ष सुरेश कुमार यादव ने बताया कि शराब लदी कार एक्सयूभी, रजिस्ट्रेशन नंबर बीआर 01पीएल 7699 है। शराब की टूटी फूटी बोतलें, रेपर, बिखरे शराब के कार्टन के साथ कार जप्त कर लिया गया है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। अज्ञात के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। दुर्घटना उपरांत कार से शराब लूटने वालों की पहचान करने में पुलिस जुटी हुई है। पहचान के उपरांत शराब लूटकांड में शामिल के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

Spread the love

By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

Leave a Reply

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया