Fri. Dec 2nd, 2022

शिक्षा सत्र 2022-23 में महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की कक्षाएं ऑफलाइन चल रही है। इसी वजह से परीक्षा के पहले छात्रों की कक्षा में उपस्थिति का आंकलन किया जाएगा। परीक्षा के पहले जिन विद्यार्थियों की कॉलेज में उपस्थिति 75 फीसदी से कम रहेगी, उनके पालकों और अभिभावकों को महाविद्यालय की ओर से सूचना भेजी जाएगी। साथ ही पूछा जाएगा कि उनके बच्चे बिना किसी बड़े कारण के कक्षाओं से अनुपस्थित क्यों हैं? कोरोना की वजह से पिछले दो साल तक कॉलेजों की पढ़ाई लगातार प्रभावित रही। लगभग सभी महीनों में ऑनलाइन क्लास लगी। इसीलिए उपस्थिति में ध्यान ही नहीं दिया गया। करीब तीन साल बाद इस बार कॉलेजों में पूरी तरह से ऑफलाइन पढ़ाई हो रही है। कॉलेज प्रबंधनों ने साफ कर दिया है कि छात्रों की क्लास में उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम रहेगी तो इसकी सूचना उन छात्रों के पैरेंट्स को भी दी जाएगी। अभी तक ऐसा नहीं किया जा रहा था।

30 नवंबर को होगी उपस्थिति की पहली गणना
कॉलेजों में उपस्थिति की पहली गणना 30 नवंबर की स्थिति में होगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार कॉलेजों में देर तक प्रवेश होने के बावजूद पाठ्यक्रम पूरा करने में काफी दिन बाकी हैं। सितंबर के आखिरी सप्ताह से कक्षाएं पूरी तरह से शुरू हो गई हैं। पिछले दिनों दशहरा व दिवाली की छुट्टियां थी, लेकिन इस महीने भी कई दिनों तक कक्षाएं लगी। 30 नवंबर तक की स्थिति में जिन छात्रों की अटेंडेंस कम होगी उन्हें पहले समझाइश दी जाएगी। अटेंडेंस को लेकर दूसरी गणना 28 फरवरी की स्थिति में होगी। जिनकी उपस्थिति कम रहेगी उन्हें परीक्षा में बैठने से वंचित किया जा सकता है।

दिसंबर के आखिरी सप्ताह में होगी सेमेस्टर की परीक्षा
हेमचंद विवि से संबद्ध 145 शासकीय और निजी महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की परीक्षाएं दिसंबर के आखिरी सप्ताह में संभावित है। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही परीक्षा की अधिसूचना और समय सारणी जारी की जाएगी। पिछले दिनों हेमचंद विवि ने ऑनलाइन पूरक परीक्षा आयोजित की थी। इसके नतीजे भी आ चुके हैं। इसके बाद आने वाले दिनों में स्नातक स्तर की परीक्षा की भी तैयारी की जाएगी। इस बार स्नातक स्तर की वार्षिक परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में आयोजित की जा सकती हैं। इसके लिए कुलपति ने अभी से सभी प्राचार्यों से चर्चा करना शुरू कर दिया है।

बचे हुए चार महीने में पूरा करने होंगे पाठ्यक्रम
वार्षिक परीक्षा शुरू होने में अभी चार माह बचे हैं। इस दौरान सभी कक्षाओं पाठ्यक्रमों को पूरा किया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग से भी निर्देश जारी किया गया है। इस दौरान यदि पाठ्यक्रम पूरा होने की संभावना कम दिखने की स्थिति में छुट्टी के दिनों में अतिरिक्त कक्षाएं भी लगाए जाने का सुझाव दिया गया है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि इस बार महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया काफी लंबी चली है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कक्षाएं लगने वाले दिनों के आधार पर विद्यार्थियों की उपस्थिति का आकलन किया जाएगा। इस प्रकार कॉलेजों में सिलेबस के हिसाब से पढ़ाई शुरू कर दी गई है।

7 आंतरिक मूल्यांकन में से 5 में शामिल होना जरूरी
स्नातक में सात आंतरिक मूल्यांकन होंगे। इसमें पांच में शामिल होना जरूरी है। उच्च शिक्षा एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार पहली यूनिट परीक्षा 1 सितंबर और दूसरी यूनिट परीक्षा 30 सितंबर को आयोजित किया जाना था। लेकिन कॉलेजों में 30 सितंबर तक प्रवेश दिए गए। इसलिए अधिकांश कॉलेजों ने अक्टूबर में यूनिट परीक्षा ली। अब नवंबर में फिर से यूनिट टेस्ट होंगे। विभिन्न कॉलेज अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को यूनिट टेस्ट से संबंधित जानकारी दे दी गई है। अगले महीने यह परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इसे लेकर पहले ही छात्रों की जानकारी दे दी गई है। इसका पालन सभी छात्रों का करना अनिवार्य किया गया है।

पालकों को कॉलेज बुलाया जाएगा, साथ ही छात्रों के बारे में पूरी जानकारी देंगे
कॉलेज प्रबंधन ने तय किया है कि छात्रों की उपस्थिति यदि कम हुई तो पालकों को कॉलेज बुलाया जाएगा। उन्होंने पूरी जानकारी दी जाएगी। साथ ही पूछा जाएगा कि आखिर उनका बच्चा क्यों कॉलेज नहीं आ रहा है। प्रबंधन ने तय किया है कि कम उपस्थिति वाले छात्रों को नियमित छात्र के रूप में एग्जाम देने से भी रोका जाएगा। इसके लिए अलग-अलग नियम तय किए जा रहे हैं। पूर्व में तय नियमों में कोरोनाकाल के बाद बदलाव किया गया था। अब पुन: इसमें बदलाव किए जाने की तैयारी है। जल्द ही इस पर निर्णय भी लिया जाना है।

Spread the love

Leave a Reply