Fri. Dec 2nd, 2022

चंपावत। जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत ग्राम्य विकास विभाग की ओर से श्यामलाताल में स्थापित ग्रोथ सेंटर में शहद उत्पादन का प्लांट शुरू हो गया है। विभाग की ओर से सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत सात लाख रुपये की लागत से प्लांट स्थापित किया गया है। इसमें स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं को रोजगार देने के लिए हनी मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट और पैकेजिंग मशीन भी लगाई गई है।
ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) की सहायक परियोजना निदेशक विम्मी जोशी ने बताया कि जिले के सूखीढांग और श्यामलाताल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मौनपालन किया जाता है लेकिन शहद प्रोसेसिंग संबंधी प्लांट न होने के कारण किसानों को शहद बिक्री के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी। इसलिए ग्रोथ सेंटर में उत्पादित जैविक शहद को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। शहद उत्पादन संबंधी प्लांट लगने से समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ ही स्थानीय मौनपालक किसानों को भी लाभ मिलेगा।
शहद के साथ मसाला प्रोसेसिंग यूनिट भी शुरू
चंपावत। श्यामलाताल ग्रोथ सेंटर में शहद के साथ ही मसाला प्रोसेसिंग यूनिट का संचालन भी शुरू हो गया है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय ने बताया कि क्षेत्र में शहद और मसाले का उत्पादन बहुतायत में होता है। ग्रोथ सेंटर के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सभी मसाला उत्पादों की ग्रेडिंग और ब्रांडिंग कर उनके अधिक से अधिक मूल्य किसानों को दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
लगातार बढ़ रही है जैविक शहद की मांग
चंपावत। जिले के श्यामलाताल क्षेत्र में उत्पादित किए जा रहे जैविक शहद की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के मौनपालक सहकारी संघ के अध्यक्ष हरीश जोशी का कहना है कि श्यामलाताल क्षेत्र में चार प्रकार का शहद उत्पादित किया जा रहा है। इनमें व्हाइट हनी, क्रीम हनी, कड़ुवा शहद, मल्टीफ्लोर हनी आदि शामिल हैं। केवल फूलों के जरिये तैयार किए जाने वाले जैविक शहद की मांग लगातार बढ़ रही है।

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