Wed. Jun 24th, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

वसंत पंचमी, विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती पूजा शांतिपूर्ण वातावरण में परम्परा अनुरुप सम्पन्न करें : दिनेश कुमार राय 

  बिना लाइसेंस के कोई जुलूस नहीं निकले, प्रशासन दृष्टि बनाए रखे, अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर दंडनात्मक कार्रवाई का निर्देश असामाजिक तत्व व सोसल मीडिया पर नियमित तीक्ष्ण…

रोजगार सह मार्गदर्शन मेला का अयोजन प्रखण्ड परिसर, खेल मैदान गौनाहा में सम्पन्न

अनुमंडल पदाधिकारी ने रोजगार सह मार्गदर्शन मेला का उद्घटान किया गौनाहा रोजगार सह मार्गदर्शन मेला में 725 युवाओं का रेजिट्रेशन apnibaat.org बेतिया : बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, जीविका पश्चिम…

राजू कुमार सिंह कौन है…?? पदाधिकारियों की मोबाइल और गाड़ी का उपयोग करता है…..

कौन है राजू जिसके पास एमवीआई की मोबाइल रहती है…? apnibaat.org बेतिया: जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय की कार्रवाई से प्रशासनिक पदाधिकारियों व बिचौलियों में भय व्याप्त है। डीएम के…

फिटनेस जांच के क्रम में डीएम की औचक छापामारी, एमवीआई की मोबाइल जप्त, दो गिरफ्तार

फिटनेस जांच के क्रम में डीएम की औचक छापामारी, एमवीआई की मोबाइल जप्त, दो गिरफ्तार आईटीआई मैदान में परिवहन विभाग के पदाधिकारी के वाहनों की फिटनेस जाँच के क्रम में…

प्रयागराज गंगा-यमुना-सरस्वती संगम स्नान भगदड़ में बेतिया भरवलिया के दिनेश्वर तिवारी लापता, परिजन व पत्नी परेशान

कुम्भ में दिनेश्वर तिवारी लापता परिजन व पत्नी परेशान बिहार के पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत मझौलिया थाना क्षेत्र के सरिसवा पंचायत, वार्ड नम्बर 13, भरवलिया गांव निवासी दिनेश्वर तिवारी लगभग…

बेतिया में मोबाइल एप का उपयोग कर, भू-सत्यापन और टैगिंग का हैंड्स-ऑन का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

मोबाइल एप का उपयोग कर, भू-सत्यापन और टैगिंग का हैंड्स-ऑन का एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न apnibaat.org बेतिया : सर्वोच न्यायालय के आदेशानुसार पुरे देश मे अवस्थित  आर्द्रभूमियों के भू-सत्यापन की…

मत्स्य पालक किसानों व मछुआ समुदाय के आर्थिक, सामाजिक उत्थान व सुदृढ़ता का प्रयास: रेणु देवी

मत्स्य पालकों, मत्स्य विक्रेताओं को ससमय सभी सुविधा उपलब्ध : दिनेश कुमार राय  apnibaat.org बेतिया। मुख्यमंत्री मत्स्य विपणन योजनान्तर्गत मंगलवार को जिला मत्स्य कार्यालय के प्रांगण में मत्स्य विपणन किट…

मत्स्य पालक किसानों को उत्कृष्ट मत्स्य उत्पादन तकनीक की जानकारी सम्बंधी 5 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

प्रशिक्षण में किसानों को उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई apnibaat.org पटना : प्राकृतिक दृष्टि से खगड़िया जिला मत्स्य पालन के संसाधनों से परिपूर्ण माना जाता है। खगड़िया में जल…

बालिका से दुष्कर्म का प्रयास, आरोपी फरार

सात वर्षीया बालिका से दुष्कर्म का प्रयास, चीखने पर भागा आरोपी  apnibaat.org नरकटियागंज : बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार की सुबह एक वर्षीया से…

लौरिया थाना चावल चोरी काण्ड का उद्वेदन, दो अभियुक्त गिरफ्तार, चावल बरामद 

apnibaat.org पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत बेतिया पुलिस के लौरिया थाना क्षेत्र में बेतिया रोड से दिनांक 11 जनवरी 2025 को चावल चोरी की घटना में लौरिया थाना कांड संख्या 19/2025…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया