Wed. Jun 24th, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिला के 32 लाख लोगों को खिलाई जाएगी सर्वजन दवा : सिविल सर्जन

  सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के माध्यम से मीडिया वर्क शॉप की खानापूरी सम्पन्न, मीडिया प्रतिनिधियों को सूचना नहीं मिली  जिला के 14 प्रखंड में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम…

बेतिया पुलिस ने किशोरी बरामद किया

  बेतिया: बेतिया पुलिस अंतर्गत योगापट्टी थाना की पुलिस ने एक किशोरी बरामद किया। इस बावत बताया बताया गया है कि 04 फरवरी 2025 को रात लगभग 12:00 बजे योगापट्टी…

लूट की झूठी कहानी, पुलिस की बढ़ी परेशानी, युवक गिरफ्तार

पैसा हड़पने की नीयत से लूट की झूठी कहानी गढ़ने वाला मुकेश गिरफ्तार कृषि बाजार समिति में बाइक व खेत में छुपाया सेलफोन मानवीय अनुसंधान और तकनीकी जांच में अंतर…

भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 101 वीं जयंती समारोह पूर्वक सम्पन्न 

apnibaat.org बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के चौतरवा कामन प्लॉट परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 101 वीं जयंती कर्पूरी विचार मंच के तत्वावधान में नाई समाज…

नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन, बिहार कौंसिल, पश्चिम चम्पारण यूनिट अध्यक्ष डॉ सुमीत कुमार, सचिव डॉ.मो.शाहनवाज निर्वाचित 

नीमा की जिला स्तरीय बैठक में सांगठनिक चुनाव apnibaat.org बेतिया: आयुष चिकित्सकों के संगठन नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की संगठनात्मक बैठक सोमवार को बेतिया में सम्पन्न हुई। जिसमें नीमा के…

परिवीक्षाधीन आईएएस पदाधिकारियों का कृषि वैज्ञानिकों से संवाद सम्पन्न

परिवीक्षाधीन आई.ए.एस. पदाधिकारियों का कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद apnibaat.org पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में दिनांक 3 फरवरी 2025 को “पूर्वी भारत में कृषि परिदृश्य…

फेयरवेल विकृति, समावर्तन संस्कार हमारी संस्कृति 

फेयरवेल विकृति, समावर्तन संस्कार संस्कृति है आर्य सागर तिलपता apnibaat.org नोएडा: केसी इंटरनेशनल स्कूल जलपुरा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में संस्कृत व हिंदी के शिक्षक बृजेश शास्त्री ने 16 संस्कारों की…

उत्कृष्ट उत्पादन सेवा पुरस्कार से एनएफएल ने मोकामा के लाल आकाश को सम्मानित किया

मोकामा के लाल आकाश को उत्कृष्ट उत्पादन सेवा पुरस्कार से एन एफ एल द्वारा सम्मानित apnibaat.org गुना (म.प्र.)। नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (भारत सरकार) और केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, विजयपुर, गुना…

राजद से मुसलमानों का मोह टूटने लगा, जनसुराज पार्टी से जुड़ते मुसलमान : ग्यासुद्दीन शेख

जनसुराज पार्टी से जुड़ते मुसलमान, बिहार विधानसभा चुनाव में 40 मुस्लिम प्रत्याशी होंगे : ग्यासुद्दीन शेख apnibaat.org पश्चिम चम्पारण जिला के लौरिया प्रखण्ड में जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ता लौरिया प्रखण्ड…

पुलिस व प्रेस लिखे वाहन की सूक्ष्म जांच आवश्यक: डीजीपी बिहार

पुलिस व प्रेस लिखे वाहन की सघन जांच आवश्यक : पुलिस महानिदेशक बिहार apnibaat.org बेतिया : बिहार में पुलिस और प्रेस लिखे वाहन आपराधिक कार्यों में प्रयुक्त किये जा रहे…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया