Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

उद्यानिकी और मशरूम कार्यशाला में किसानों के समस्या का निदान

apnibaat.org गुमला। एम आई डी एच के तहत बागवानी मिशन के अन्तर्गत बागवानी उद्यानिकी और मशरूम उत्पादन पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित हुए वाई एन पाठक, मुख्य तकनीकी…

उद्योग विभाग ने आरएएमपी कार्यक्रम अंतर्गत उद्यमिता विकास कार्यक्रम को ऐतिहासिक समझौता पर हस्ताक्षर 

उद्योग विभाग ने आरएएमपी कार्यक्रम अंतर्गत उद्यमिता विकास कार्यक्रम apnibaat.org/अनमोल कुमार पटना। बिहार में उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की क्षमताओं को…

मत्स्य पालक किसानों के जीविकोपार्जन क्षमता वृद्धि में क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित

मत्स्य पालकों के जीविकोपार्जन में वृद्धि के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम apnibaat.org पटना : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में 05 मार्च 2025 को “मत्स्य पालकों…

बच्चों के भविष्य संवारने और रोजगार पाने के लिए जनसुराज का साथ दें:  प्रशांत किशोर 

apnibaat.org बेतिया: बिहार की जनता ने मंदिर , मस्जिद, धर्म, और जाति के नाम पर अपना वोट देती रही है। किसी मतदाता ने अपने बच्चों  की पढ़ाई और उसके रोजगार…

बागवानी और मशरूम को बढ़ावा देकर किसान खुशहाल बने: रीना हांसद

बागवानी और मशरूम को बढ़ावा देकर किसान खुशहाल बने: रीना हांसद apnibaat.org गुमला। दो दिवसीय जिलास्तरीय बागवानी उद्यानिकी और मशरूम उत्पादन और विकास जागरूकता कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए आई…

 ग्राम “प्रयास” जुवेनाइल एड सेन्टर पूर्वी चम्पारण के सहयोग से अवयस्क कन्या का विवाह रोका

घर घर शिक्षा का दीप जलायें, बाल विवाह को बन्द करायें apnibaat.org रक्सौल:  रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत आदापुर प्रखंड क्षेत्र में एक समुदाय से बाल विवाह होने की सूचना “प्रयास”…

बिहार में एनडीए का सुशासन, महिलाओं पर मेहरबान

भाजपा जदयू की सरकार महिलाओं के कल्याण को तत्पर एस एन श्याम /अनमोल कुमार: spnibaat.org पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि कैंसर जैसी…

दधीचि देह दान समिति के प्रयास से मरणोपरांत 3 का नेत्रदान सम्पन्न

अनमोल कुमार/apnibaat.org पटना। दधीचि देहदान समिति के जागरूकता अभियान के परिणाम स्वरुप तीन का नेत्रदान (दो पटना एवं एक बक्सर) हुआ। पहला बाजार समिति निवासी 73 वर्षीय स्मृतिशेष रामप्रसाद बंसलजी…

जनसुराज पार्टी सुप्रीमो प्रशांत किशोर की जनसभा सफ़ल बनाने की कवायद

जनसुराज के प्रणेता प्रशांत किशोर की जनसभा सफ़ल बनाने में जुटे पार्टीजन apnibaat.org बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला में जनसुराज पार्टी के नवनियुक्त जिला प्रभारी विकास सिंह, गोपालगंज जिला प्रभारी…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया