Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

प्रेरणादायक संवाद सत्र में प्रतिदिन कुछ नया सीखें और भविष्य की चुनौतियों से निपटे : डॉ.एस.एस. राठौर

प्रेरणादायक संवाद सत्र में प्रतिदिन कुछ नया सीखें और भविष्य की चुनौतियों से निपटे : डॉ.एस.एस. राठौर apnibaat.org पटना: आईएआरआई-पटना हब के विद्यार्थियों को प्रेरित करने और मार्गदर्शन देने के…

वक्फ संशोधन विधेयक पर जनता दल यू ने भाजपा का साथ देकर असंवैधानिक कार्य किया : राजद

वक्फ संशोधन विधेयक पर जनता दल यू ने भाजपा का साथ देकर असंवैधानिक कार्य किया मुस्लिम उलेमा और मौलानाओं के खिलाफ अपशब्दों की भाषा बोलने वालों पर जदयू रोक लगाये,…

मोकामा में परशुराम जन्मोत्सव महायज्ञ अक्षय तृतीया 29 अप्रैल 2025 से प्रारम्भ

अक्षय तृतीया से मोकामा में परशुराम जन्मोत्सव महायज्ञ का भव्य आयोजन apnibaat.org/ अनमोल कुमार पटना : राजकीय मेला सह परशुराम जन्मोत्सव महायज्ञ समारोह का आयोजन 29 अप्रैल 2025 (अक्षय तृतीया)…

बिहार के कुंडल ग्राम, वैशाली में जन्मे महावीर जैनियों के तीर्थंकर

अहिंसा के पुरोधा भगवान महावीर जयंती पर विशेष apnibaat.org/अनमोल कुमार जैन पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान महावीर का जन्म जैन ग्रंथों और धार्मिक लिपि के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल…

रोटरी क्लब कंकड़बाग पटना का रक्तदान शिविर सम्पन्न

रोटरी क्लब ऑफ पटना कंकड़बाग ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया apnibaat.org/अनमोल कुमार पटना:  रोटरी क्लब ऑफ पटना कंकड़बाग ने टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के एन.एस.एस. और एन.सी.सी. विंग के सहयोग…

मंझरिया से लापता किशोर सत्यम कुमार की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

एसपी डॉ शौर्य कुमार सुमन पुलिस ने 5 घंटे में सत्यम हत्याकांड का खुलासा किया apnibaat.org बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र के मंझरिया से सत्यम कुमार आयु 12 वर्ष…

डॉ शौर्य  कुमार सुमन (भापुसे) पुलिस अधीक्षक बेतिया पश्चिम चम्पारण का अपराध गोष्ठी सम्पन्न

बेतिया: डॉ शौर्य कुमार सुमन (भापुसे) पुलिस अधीक्षक बेतिया पश्चिम चम्पारण का अपराध गोष्ठी मंगलवार जिला मुख्यालय बेतिया स्थित पुलिस सभागार में बेतिया में किया। जिसकी अध्यक्षता डॉ.शौर्य कुमार सुमन…

भोजपुर दहलाने का षड्यंत्र विफल, ए के-47 राइफल, दो मैगजीन, एके-47 का 43 कारतूस, दो हैंड ग्रेनेड, इंसास राइफल का दो मैगजीन बरामद

महिला मुखिया के रिश्तेदार के घर से एक-47 और हैंड ग्रेनेड बरामद apnibaat.org आरा: भोजपुर को दहलाने का षड्यंत्र विफल, पुलिस ने एके-47 रायफल, दो मैग्जीन, एके-47 का 43 कारतूस,…

श्रीराम जन्मोत्सव समिति ने प्रतिभागियों व प्रतिभागी समिति को पुरस्कृत किया 

पटना: रामनवमी की पावन अवसर पर दिनांक 06 अप्रैल 2025 रविवार को मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का 47 वाँ शोभायात्रा रामदेव महतो सामुदायिक भवन, मंगल तालाब पटना सिटी में शामिल…

दक्षिण बिहार के गया में तालाब में गिरा स्कॉर्पियो, एक परिवार के चार की मौत

घटना से वातावरण शोकाकुल, परिवार वालों का बुरा हाल apnibaat.org दक्षिण बिहार के गया में एक ही झटके में उजड़ गया पूरा परिवार, तालाब में स्कॉर्पियो गिरने से पति-पत्नी और…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया