Wed. Jun 24th, 2026
नगर पंचायत मच्छरगाँवा मुख्य पार्षद के कार्यालय में घुसकर मारपीट करने का आरोप
apnibaat.org
बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के योगापट्टी थाना क्षेत्र स्थित मच्छरगाँवा नगर पंचायत के मुख्य पार्षद (अध्यक्ष) अश्विनी कुमार को कतिपयत तत्वों ने
 कार्यालय में घुसकर मारापीटा है। इस बावत उन्होंने उपाध्यक्ष पति व परिजनों के विरुद्ध जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर रंगदारी करने व मारपीट की घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। घटना योगापट्टी प्रखण्ड परिसर अंतर्गत गुरुवार लगभग 12:00 बजे की नगर पंचायत कार्यालय की बताई गयी है। इस मामला में नगर पंचायत के अध्यक्ष अश्विनी कुमार ने योगापट्टी थानाध्यक्ष को आवेदन देकर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग किया है। उन्होंने शिकायत पत्र में लिखा है कि 19 दिसंबर 2024 को लगभग 12:00 बजे कार्यालय में कनीय अभियंता, वार्ड पार्षद व उनके प्रतिनिधि की उपस्थिति में योजना एवं आवास सम्बंधित बैठक में साजिश अंतर्गत नगर उपाध्यक्ष पति चंद्रभान सिंह, उनका भतीजा रूपक उर्फ अप्पू सिंह, विकास कुमार उर्फ विक्की सिंह व जीतेंद्र पटेल ने बैठक में हस्तक्षेप कर अपने कार्य करने को लेकर अनैतिक रूप से राशि की मांग करते हुए, असंसदीय शब्दों का प्रयोग कर नगर अध्यक्ष का गिरेबान पड़कर मारपीट करने लगे। अश्विनी कुमार ने शिकायत पत्र में बताया है कि जाति का भेद बरतते हुए, उन्हें जान मारने की धमकी भी दिया। ऐसी स्थिति में नगर पंचायत के कर्मियों व पार्षदों ने उनकी जान बचाई है। आरोपियों ने टेबल पर रखे योजना के प्राकक्लन को फाड़ दिया। इस तरह से सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का भी कार्य किया।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया