Wed. Jun 24th, 2026

कृषि अनुसंधान परिसर पटना में धूम-धाम से मनाया गया 78वां स्वतंत्रता दिवस

पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में परंपरागत उत्साह पूर्वक धूमधाम से 78 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया । पूरे संस्थान परिसर को आकर्षक लाइटों एवं झंडों से सजाया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने ध्वजारोहण कर संस्थान के सभी कर्मियों को बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी। डॉ. दास ने बताया कि आजादी के 77 वर्ष पूरे हो चुके हैं। आज का दिन वैसे वीर अमर सपूतों को भी याद करने का दिन है, जिन्होंने देश के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। हम भारतीय अपने देश के लिए प्राण देने वाले ऐसे सपूतों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। कठिन से कठिन परिस्थितियों में, देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हमारे देश के जवानों को भी आज दिल से सलाम करते हैं, हमें उन पर गर्व है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने सभी से अधिक से अधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभाषण में संस्थान के विकसित स्वर्ण वसुधा बेल की किस्म तथा स्वर्ण पूर्वी धान -5 की किस्म की चर्चा करते हुए संस्थान के कर्मियों को बधाई दी।

उन्होंने बताया कि अगले वर्ष हम सभी अपने संस्थान का 25वाँ स्थापना दिवस समारोह मनाएंगे। हम सब कंधे से कंधा मिलाकर कुछ समाज के लिए कुछ ऐसा करें कि हमारे संस्थान की सफलता की गूँज पूरे देश में सुनाई दे। हम सब यह संकल्प लें कि समाज में सद्भावना एवं भाईचारा का वातावरण बनाये रखेंगे, देश को विकसित एवं खुशहाल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे, स्वच्छ एवं हरित परिसर तथा भोजन की शून्य बर्बादी पहल का गंभीरता से अनुपालन करेंगे और अपने आस-पास भी यह संदेश पहुंचाएंगे। इस अवसर पर आईएआरआई पटना हब के छात्रों ने देशभक्ति गीत से लोगों का दिल जीत लिया।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया