Wed. Jun 24th, 2026

कंकड़बाग में काजल चौधरी का सम्मान समारोह आयोजित

रिपोर्ट अनमोल कुमार

पटना। बिहार से दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड मिस यूनीवर्स प्रतियोगिता प्रतिनिधित्व करने वाली काजल चौधरी का अभिनन्दन समारोह रोटरी क्लब, कंकडबाग‌ ने डा, सुजीत कुमार के क्लिनिक पर आयोजित किया। इस अवसर पर अपने अभिभाषण में काजल चौधरी ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण दौर में बिहार का नाम रौशन करूँगी। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए महिलाओं को बढ़ावा देने और अग्रणी भूमिका निभाने को कहा। इस अवसर पर रोटरी क्लब, कंकडबाग ने काजल चौधरी को ब्राण्ड एम्बेसडर घोषित किया गया। रोटरी क्लब, कंकडबाग के अध्यक्ष, राजकिशोर सिंह ने अभिनन्दन समारोह की अध्यक्षता करते हुए सर्वप्रथम काजल चौधरी को क्लब का ब्राण्ड एम्बेसडर घोषित किया। तदोपरांत आगन्तुक अतिथियों का स्वागत किया। स्वागत भाषण पूर्व मण्डल अध्यक्ष, डा, रवि प्रकाश ने किया। पूर्व अध्यक्ष, सुधांशु प्रकाश ने रोटरी क्लब के क्रियाकलापों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य अतिथि काजल चौधरी के पिता, विपिन चौधरी, माता, पुष्पा सिन्हा और मामा भी उपस्थित रहे, जिनका रोटरी क्लब ने स्वागत किया।
रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष, रवि शेखर सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष, दीप्ति सहाय ने किया। इस अवसर पर रोटरी क्लब की ओर से सचिव, गोविन्द कुमार पूर्व अध्यक्ष मधु प्रकाश, पूर्व अध्यक्ष, शभ्भूनाथ सिंह, बलराम श्रीवास्तव, डा, सुजीत कुमार, निलेश मिश्रा, निरंजन कुमार, ईनरहील नव्या, पूर्व अध्यक्ष, अम्रिता मिश्रा शामिल हुए।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया