Wed. Jun 24th, 2026
दिउलिया से चोरी ग्लैमर बाइक, मंझरिया के एक घर से बरामद
बेतिया/नरकटियागंज। पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दिउलिया मुहल्ला से रविवार की रात चोरी की गई ग्लैमर बाइक के साथ तीन युवकों को मंझरिया के ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस को सौंपे आरोपियों में दिउलिया के मो.आसिफ, हिफजुल्लाह व मंझरिया गांव निवासी इलियास अंसारी शामिल बताए गए है। बताया गया है कि रविवार की रात में मो. सरफराज के घर मे घुसकर आसिफ ने दो सोने की अंगूठी समेत दस हजार रुपए की चोरी की, तब तक सरफराज के घर में किरायादार युवकों ने उसे पहचान लिया। सोमवार की सुबह आसिफ को मुहल्ला के लोगो ने पकड़कर पूछताछ प्रारम्भ किया। इस बीच दिउलिया के सोहैल अंसारी ने बाइक चोरी का प्रसंग उठाया। मुहल्लावासियों ने 112 मोबाइल टीम को इसकी सूचना देकर आसिफ को पुलिस के हवाले कर दिया।पूछताछ में आसिफ ने दिउलिया के हिफजुल्लाह के साथ मिलकर बाइक चोरी की बात भी स्वीकार कर किया। उसके बाद आसिफ के निशानदेही पर पुलिस व मुहल्ले के लोग मंझरिया गांव के इलियास अंसारी के घर पहुँचे, जहां चोरी हुई बाइक बरामद कर ली गई और इलियास को गिरफ्तार किया गया। 112 टीम तीनो को पकड़कर थाना ले गई। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। एसडीपीओ नरकटियागंज जयप्रकाश सिंह ने बताया कि पुलिस मामला में पूछताछ कर छानबीन कर रही है। बाइक की बरामदगी व आरोपियों की स्वीकारोक्ति गंभीर मामला है।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया