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जयपुर : ‘कार्य का विभाजन संगठन का एक महत्त्वपूर्ण गुर है। सभी कार्य एक व्यक्ति के उत्तरदायित्व में अवश्य हों, किन्तु वह व्यक्ति अपने समस्त कार्य उपयुक्त पात्रों में वितरित कर स्वयं निरीक्षण करता रहे। एक ही आदमी से सभी कार्य भली प्रकार प्रतिपादन नहीं हो सकता, उपर्युक्त विचार सभा के मुख्यवक्ता भारतीय किसान संघ के सह संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह ने प्रदेश प्रतिनिधि सभा बैठक में राजस्थान प्रदेश कार्यकर्ताओं के समक्ष व्यक्त किया।
भारतीय किसान संघ की स्थापना राजस्थान से हुई,यदि यह गर्व का विषय है, तो किसान संघ के प्रत्येक कार्यकर्ता को संघ परिवार की परंपरा ,प्रतिष्ठा और अनुशासन के साथ संगठन को जीना होगा ,स्नेह और आत्मीयता के साथ प्रत्येक गांव को किसान संघ युक्त करना होगा। तब उस स्थिति में हम गांव को सामर्थ्य के साथ मजबूती से खड़ा कर पाएंगे और तब देश के नीति निर्धारक अपनी योजनाओं को गांव के चौपाल की चर्चा से नीतियों का निर्माण करेंगे और तभी किसान संघ की स्थापना का लक्ष्य पूर्ण हो पाएगा और उनके संस्थापकों के संकल्प की पूर्णाहुति हो पाएगी।
गाँव को सामर्थ्य के साथ खड़ा करना है जिससे गांव के चौपाल की चर्चा देश की नीति बनाने वालों के पास पहुंचे। दत्तोपंत ठेंगड़ी के उपर्युक्त कथन की चर्चा करते हुए अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री गजेन्द्र सिंह ने राजस्थान प्रदेश प्रतिनिधि सभा बैठक के द्वितीय सत्र में कहा कि गांवों में सामर्थ्य खड़ा करने का संकल्प लेकर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर सदस्यता अभियान को करेंगे। किसान संघ स्थापना के स्वर्ण जयंती वर्ष में राजस्थान प्रदेश के सभी गांव को किसान संघ नियुक्त करेंगे, ऐसी ही साधना की रचना करेंगे और ‘साधना में अंत तक समस्या का आना स्वाभाविक है। जिन सीढ़ियों को हमने पार तो कर लिया, किंतु दृढ़तापूर्वक अपने आप को संतुलित किये बिना, विकास की उत्कट कामना में आगे छलांग मार ली हो, कभी-कभी उन स्थलों की अपरिपक्व सिद्धि भी सिरदर्द पैदा कर सकती है। बुनियाद की कच्ची ईंट विकास की इमारत को भूमिसात करने का भी कारण बन सकती है।’
इसलिए किसान संघ के सभी कार्यकर्ताओं को अपनी पूर्ण क्षमता के साथ पूर्ण संकल्प के साथ शत प्रतिशत किसान संघयुक्त ग्राम की योजना को राजस्थान प्रदेश में साकार करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री तुलछाराम सिंवर ने किया। राजस्थान प्रदेश की कार्यकारिणी, तीनों प्रांत की कार्यकारिणी एवं प्रदेश के सभी संभाग की कार्यकारिणी के बंधु उपस्थित रहे, विशेष रुप से अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य, कैलाश गंदोलिया उपस्थित रहे।
