Wed. Jun 24th, 2026

प्रगति यात्रा के क्रम में बेतिया पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

APNI BAT/apnibaat.org
बेतिया में मुख्यमंत्री रमना मैदान स्थित महाराजा स्टेडियम पहुँचे, जहां उपस्थित सैकड़ों खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों ने रमना मैदान को उच्च कोटि के स्टेडियम में परिवर्तित करने का मुख्यमंत्री से अनुरोध किया। जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय ने बताया कि पश्चिम चम्पारण जिला में खेल के प्रति लोगों की काफी अभिरुचि है। जिला के युवक-युवतियां खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, किंतु उच्च कोटि के स्टेडियम के अभाव में उन्हें विभिन्न खेल के अभ्यास में विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिला के बालक-बालिका, किशोर-किशोरी व युवक-युवती राष्ट्र एवं राज्यस्तरीय खेल स्पर्धा में चयनित होते रहे हैं। वर्तमान में बेतिया शहर के बड़ा रमना स्थित महाराजा स्टेडियम है, किंतु यह काफी पुराना हो गया है। यदि बेतिया रमना स्थित महाराजा स्टेडियम मैदान को नवीन सुविधाओं से युक्त उच्च कोटि के स्टेडियम का निर्माण कराया जाए तो इस जिला के युवा खेल प्रतिभाओं को अभ्यास करने में आ रही कठिनाइयों से मुक्ति मिलेगी। राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेल के आयोजनों से राज्य का मान बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के प्रधान सचिव डॉ. बी. राजेन्दर को इस दिशा में समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिससे जिला के युवा विशेषकर खेल प्रेमियों में हर्ष व्याप्त है। बेतिया नगर निगम की मेयर भी मुख्यमंत्री के स्टेडियम उन्नयन की घोषणा का स्वागत किया है।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया