Wed. Jun 24th, 2026

प्रत्येक पार्टी का राजनीतिक मिशन देशभक्ति और राष्ट्रवाद होना चाहिए : महेंद्र मुन्नोत

बेंगलुरु : भारतीय नागरिक कल्याण पार्टी के 7वें वार्षिकोत्सव समारोह का उद्घाटन लोक कलाकार गुरुराज होसकोटे और महेंद्र मुन्नोत ने किया। सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र मुन्नोत ने कहा कि प्रत्येक राजनीतिक पार्टी का एजेण्डा देशभक्ति और राष्ट्रवाद होना चाहिए। इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राजनेताओं और सभी नागरिकों को देश के लिए लड़ना चाहिए। राजनीतिक दलों को ऐसी स्थिति बनानी चाहिए, जहां देश और राज्य के लिए काम किया जाये। भारत में राजनीति का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा। इस अवसर पर गुरुराज होसकोटे ने कहा कि सभी राजनीतिक दल लोगों की सेवा करना भूल गए हैं। सभी लोग नई पार्टी की तलाश में हैं, जिसके लिए भारतीय नागरिक कल्याण पार्टी एक मात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की कल्याणकारी पार्टी को इन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने वाली पार्टी के रूप में काम करना चाहिए। भारतीय नागरिक कल्याण पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र कुलकर्णी ने कहा कि हमारी पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी है और एक दिन हम सत्ता पाने में सफल होंगे। पार्टी का संगठन चल रहा है, उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश रेड्डी, आर.के. ग्रुप डेवलपर्स एन.एन.कुमार, सेवानिवृत्त टेलीविजन संपादक एम.रवींद्र राव, मधुसूदन हवलदार, रुद्रप्पा महालिंगपुरा, पत्रकार गंडासी सदानंद, लक्ष्मण बडकल के अतिरिक्त सैकड़ो नेता भारतीय नागरिक कल्याण पार्टी के 7वें वार्षिकोत्सव में शामिल हुए।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया