Wed. Jun 24th, 2026

कलियुग में सुन्दर काण्ड का पाठ करने से घर, परिवार और समाज को मिलती है सुख शान्ति : डॉ अरविन्द वर्मा

मुख्य डाकघर परिसर में राम भक्त हनुमान की प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न, कीर्तन सुन झूमें श्रद्धालु

APNI BAT

खगड़िया। पोस्टल सोसाइटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ अरविन्द वर्मा ने संगीतमय सुंदरकांड का पाठ किया। संगीतमय भजन, संकीर्तन और नृत्य का भी प्रदर्शन किया। जिसे देख धर्मावलंबियों ने काफी प्रशंसा किया। एक वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद भक्ति भावना में डूबे हुए डॉ अरविन्द वर्मा की चर्चा बड़ी तेजी से फैल रही है। इस पर डॉ अरविन्द वर्मा ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया और दर्शकों एवं श्रोताओं से भी सहयोग लेकर उनसे भी पाठ करवाया। मौका था खगड़िया मुख्य डाकघर परिसर में बजरंगबली वीर हनुमान की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का। आयोजक थे डाककर्मी मिथिलेश कुमार (सपत्नी) तथा मनीष कुमार उनका सहयोग कर रहे थे रविंद्र कुमार एवं अन्य। इस समारोह में ओलपुर गंगौर से आए हुए बजरंग कीर्तन मंडली के सदस्यों (दशरथ प्रसाद, महेंद्र पोद्दार, शत्रुघ्न साह, प्रकाश पोद्दार) द्वारा वाद्य यंत्रों एवं सुमधुर वाणी से गाए हुए कीर्तन सुन धर्मावलंबियों ने काफी लाभ उठाया और दोपहर से देर शाम तक भक्ति भाव में डूब कर जय श्री राम, जय श्री राम के उद्घोष से परिसर गूंज उठा। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य जजमान थे मिथिलेश कुमार (सपत्नी) और मनीष कुमार। जिन विद्वान पंडितों ने वेदोच्चारण कर विधि विधान पूर्वक प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को अंजाम दिया उनमें प्रमुख हैं पंकज पाण्डेय, कमल किशोर झा तथा नवल किशोर झा आदि। मौके पर उपस्थिति मीडिया से वार्ता करते हुए पोस्टल सोसाइटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ अरविन्द वर्मा ने कहा हिन्दू धर्म की प्रसिद्ध मान्यता के अनुसार सुन्दर काण्ड का पाठ करने वाले भक्तों की मनोकामना जल्द पूर्ण हो जाती है।कलयुग में हर इंसान को राम चरित मानस का पाठ करना चाहिए। अगर संभव न हो तो गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित सुंदरकांड का पाठ अवश्य करना चाहिए। क्योंकि सुंदरकांड का पाठ करने से राम भक्त हनुमान (बजरंगबली) और शनि देव महाराज दोनों काफी प्रसन्न होते हैं और पाठ करने वालों की हर प्रकार की मनोकामना को पूर्ण करते हैं। आगे उन्होंने कहा सुंदरकांड का पाठ करने से गृह क्लेश से छुटकारा, सकारात्मक शक्ति घर में आती है, घर में पैदा होने वाली नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है, ग्रह गोचर से मुक्ति, तनाव मुक्ति और घर परिवार और समाज में सुख शांति कायम होती है। उक्त अवसर पर मौजूद थे डाक निरीक्षक (पश्चिम), इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के ब्रांच मैनेजर अशोक कुमार, बरौनी आरएमएस के सहायक डाक अधीक्षक उमाशंकर कुमार, अमरेंद्र प्रसाद, अमरेंद्र चौधरी, धीरेंद्र चौधरी,अनिल कुमार, श्वेता कुमारी, मनोज कुमार, अशोक कुमार, अनिल कुमार, रविंद्र कुमार, सुजीत कुमार, नीतीश कुमार,जितेंद्र मिश्र, जितेंद्र कुमार, सत्यम कुमार, मुनि लाल साह तथा सिकंदर ठाकुर।

Spread the love

By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

Leave a Reply

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया