Thu. Oct 1st, 2026

जब आत्माएं सपूर्ण होते है। तो शरीर भी संपूर्ण ही मिलते है। सतयुग त्रेता में ऐसे संपूर्ण आत्माएं है। यह आदमी केवल 33 करोड ही जन्म लेते है। वहां पर प्रालब्धानुसार ऐसा बाँडी मिलते है। जिसमें कि कभी आवश्यक तत्व होते है।

जिसके कारण शादी विवाह के पच्श्रात् देवता लोग जब संतान प्राप्ति के इच्छा करते है तो वह मिथुन प्रक्रिया जिसका कि आज के समय में उपयोग होता है। वहां नही रहती बल्कि संतान के उत्पत्ति आत्मिक बल अथवा योगबल से होते हे

 

 

 

 

 

 

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