Tue. May 21st, 2024

अवगुण रुपी गदंगी का दर्शन के आदत एक बार डाल लिए तो बार बार बुद्धि मे ना चाहे तब भी उसी तरफ जाते है। फिर आदत संस्कार में बदल जाएगा जिसें बदलने में बहुत मेहनत करना पडेगा इसलिए भगवान कहते है। अगर देखते भी हो तो मास्टर ज्ञान सूर्य अन अवगुणो रुपी किचडे को जलाने के भाव से देखो शुभचिन्तक बनों यह भी सोचो कि यह आदत तो कम या ज्यादा सभी में है। और दूसरे के बारे मे ना सोचो अपने काम में लग जाओ परिश्रमा करो आगे बढ़ते रहो किसी के बुरे बातों पर पलट के नही देखना है।

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