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  1. राष्ट्र व समाज की जागृति के लिए पत्रकार अनवरत कर्त्तव्यनिष्ठ: भरत दास वैरागी

जावरा का भारतीय सद्भावना के इतिहास में अद्वितीय स्थान: अर्जुन सिंह चंदेल

जावरा: इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफजेयु) नई दिल्ली का तीन दिवसीय 73 वां अधिवेशन (राष्ट्रीय पत्रकार महाकुंभ) मध्य प्रदेश के रतलाम जिला स्थित सेमलिया (कालूखेड़ा) में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय पत्रकार महाकुंभ का आयोजन मां अन्नपूर्णा शक्तिपीठ सेमलिया ने (कालूखेड़ा) पिपलौदा रतलाम मध्य प्रदेश में आयोजित किया। जिसकी अध्यक्षता अवधेश भार्गव राष्ट्रीय अध्यक्ष (आईएफडब्ल्यूए) और संचालन अविनाश जाजपुरा ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा व दीप प्रज्ज्वलित कर अवधेश भार्गव, मध्य प्रदेश के राज्यमंत्री भरत दास वैरागी, एनपी अग्रवाल, संतोष चोपड़ा, अरविंद जैन, जंगा रेड्डी, अर्जुन चंदेल, संजय रायजादा, संतोष मेडतवाल ने किया। राष्ट्रीय पत्रकार महाकुंभ का स्वागत संबोधन संतोष मेडतवाल ने किया। अग्निपथ के संपादक अर्जुन सिंह चंदेल ने जावरा के हुसैन टेकरी के इतिहास से अवगत कराया। पत्रकारों को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश शासन के राज्य मंत्री भरत दास वैरागी ने कहा कि राष्ट्र व समाज को जागृत करने के लिए परिवार को छोड़कर नारदवंशीय (पत्रकार) अनवरत कर्त्तव्य निर्वहन कर रहे हैं। भारत की सांस्कृतिक विरासत विश्व कल्याण के लिए है। श्री दास ने कहा कि भारत के निर्माण में पत्रकारों के योगदान भुलाया नहीं जा सकता। भारतीय पत्रकारिता ने जो आदर्श स्थापित किया वह एक वैश्विक दृष्टि व संकल्पना है। ‘धर्म कभी खतरे में नहीं पड़ सकता, धर्म खतरे को खत्म करता है। उन्होंने कहा कि धर्म कोई साबुन नहीं है कि पहले इस्तेमाल करो बाद में विश्वास करो। बल्कि धर्म जीवन बीमा है जो जीवन के साथ भी जीवन के बाद भी साथ रहता है। उपर्युक्त विचार मां अन्नपूर्णा शक्तिपीठ के महामंडलेश्वर 1008 स्वामी मधुसूदनानंद महाराज ने अन्नपूर्णा शक्ति पीठ के प्रांगण में आयोजित इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय अधिवेशन को विशिष्ट अतिथि की हैसियत से संबोधित करते हुए व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण भारत में जब हर घर, हर गली मोहल्ले में केसरिया ध्वज लहराएगा, उस समय सनातन धर्म सशक्त होगा। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट अवधेश भार्गव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा यदि सत्ता में है तो उसमें पत्रकारिता के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। भारतीय पत्रकारिता को संविधान ने भले अतिरिक्त व्यवस्था नहीं दिया है अलबत्ता भारतीय पत्रकारिता ने यह सिद्ध कर दिया है कि न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका को संतुलित रखने के लिए पत्रकारिता की आवश्यकता है। पत्रकार सुरक्षा कानून पर पूरा जोर दिया।उपर्युक्त कार्यक्रम में बिहार से श्याम नाथ श्याम, अवधेश कुमार शर्मा, प्रभात कुमार, आशीष कुमार और झारखंड से कुंदन पांडेय व 14 राज्य के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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