Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

बिहटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा का नामकरण स्वामी सहजानन्द सरस्वती करने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना 

बिहटा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा का स्वामी सहजानन्द सरस्वती के नाम पर करने की मांग apnibaat.org/अनमोल कुमार पटना : सामाजिक संगठन ब्रह्मर्षि विकास मंच फाउंडेशन के तत्वावधान में बिहटा प्रखण्ड मुख्यालय…

राष्ट्रगान का अपमान के विरुद्ध महागठबंधन का जिला मुख्यालयों पर नीतीश कुमार का पुतला दहन

राष्ट्रगान के अपमान के विरोध में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का 22 मार्च को सभी जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन किया जायेगा: राजद apnibaat.org पटना : बिहार…

खटारा व लाचार, बिहार की डबल इंजन सरकार : आरजेडी

खटारा एवं लाचार डबल इंजन सरकार है, इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है: राजद apnibaat.org पटना : बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि बिहार में…

बिहार विधानसभा चुनाव 2025, ये इश्क़ नहीं आसान, आग का दरिया है और डूब कर जाना है

बिहार चुनाव 2025: सीटों का बंटवारा तय, लेकिन नीतीश कुमार के लिए राह आसान नहीं apnibaat.org/अनमोल कुमार पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर से वही दौर लौट आया…

यूकेजी (आरम्भिक प्ले) के बच्चों को दी गई विदाई

apnibaat.org गया। आरंभिक प्ले हाउस में यू.केजी. के बच्चों को ग्रेजुएशन सेरेमनी के द्वारा दी गई विदाई। सर्वे ऑफिस के निकट आरंभिक प्ले हाउस में सीनियर के .जी. के बच्चों…

मधुमक्खी पालन से किसान जीविका के लिए अर्थव्यवस्था सुधारें

मधुमक्खी पालन जीविकोपार्जन का बेहतर साधन : एस एन चौधरी apnibaat.org लोहरदगा। कृषि पशुपालन और सहकारिता विभाग ( उद्यान प्रभाग) राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन योजना अन्तर्गत दो दिवसीय मधुमक्खी पालन कार्यशाला…

तलाक से बीवी का इनकार, शौहर ने किया चाकू का प्रहार

तलाक से इंकार बीवी को चाकू मार घायल किया apnibaat.org नरकटियागंज : बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना क्षेत्र के धुमनगर गांव में तलाक देने से इंकार करने पर, शौहर ने…

मौत के सौदागर हैं बेलगाम, स्वास्थ्य विभाग, लूट की खुली छूट

मौत के सौदागरों को जिंदगी से खिलवाड़ की जिला में खुली छूट  apnibaat.org बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के नरकटियागंज नगर परिषद स्थित सुमन बिहार में संचालित सत्यम चाइल्ड हेल्थ…

मधुमक्खी पालन के दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन सम्पन्न

दो दिवसीय मधुमक्खी पालन कार्यशाला का उद्घाटन apnibaat.org लोहरदगा(झारखंड): कृषि पशुपालन और सहकारिता विभाग ( उद्यान प्रभाग) राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन योजना अन्तर्गत दो दिवसीय मधुमक्खी पालन कार्यशाला का उद्घाटन नगर…

दधीचि देह दान समिति की पहल, पुत्र ने पिता का नेत्रदान कराया 

पुत्र ने पिता का नेत्रदान कराया रिपोर्ट अनमोल कुमार पटना। दधीचि देहदान समिति के वरीय सदस्य एवं दीघा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ संजीव चौरसिया के प्रयास से शास्त्रीनगर, पटना…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया