Tue. Jun 23rd, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

पाटलीपुत्र में जन्मे महान शासक चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती

  चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की जयंती पर विशेष,  जन्म स्थान एवं साम्राज्य apnibaat.org/अनमोल कुमार पटना: भारतवर्ष के चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान भारतीय इतिहास के महानतम शासकों में एक रहे…

आग लगी एक दर्जन घर जले, एक दर्जन पशु मरे, दो व्यक्ति झुलसे

बखरिया कुर्मी टोला में आगलगी एक दर्जन घर जले, एक दर्जन से अधिक पशु जल मरे, दो व्यक्ति झुलसे बबलू कुमार पटेल मझौलिया : मझौलिया प्रखण्ड के बखरिया पंचायत स्थित…

पश्चिम चम्पारण जिला के बगहा में पासपोर्ट सेवा मोबाईल वैन कैम्प का 22 से 24 अप्रैल 2025 तक आयोजित 

बगहा में पासपोर्ट सेवा मोबाईल वैन कैम्प का 22 से 24 अप्रैल 2025 तक आयोजन apnibaat.org बेतिया: भारतीय पासपोर्ट के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना ने वर्ष 2024 में लगभग चार…

अनुसंधानक का अभियुक्तों से गठजोड़, मामला एसपी बेतिया के पास पहुंचा

आरोपियों के विरुद्ध अनुसंधानक का गठजोड़, सॉफ्ट कॉर्नर के विरुद्ध फरियादी पुलिस अधीक्षक जनता दरबार में पहुंचा  apnibaat.org बेतिया : बेतिया पुलिस अंतर्गत शिकारपुर थाना काण्ड संख्या 178/2024 में अनुसंधानक…

गया पुलिस ने 3 नक्सली गिरफ्तार किया

गिरफ्तार नक्सलियों से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद  apnibaat.org गया: गया पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के छिपाये हथियार, गोली, भारी मात्रा…

एसएसबी ने 2.9 किलोग्राम चरस बरामद किया

मादक पदार्थ चरस व बाइक के साथ सशस्त्र सीमा बल ने एक तस्कर को दबोचा बरामद चरस का अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में 30 लाख रुपये आंकी गई है apnibaat.org बेतिया: बेतिया…

शराबी पुत्र से परेशान पिता ने पुलिस से गिरफ्तार कराया

apnibaat.org/जय नारायण प्रसाद बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के बगहा पुलिस अंतर्गत रामनगर थाना क्षेत्र में शराबी बेटा से परेशान पिता ने पुत्र को पुलिस के हवाले कराया। उपर्युक्त घटना रामनगर…

स्वरोजगार से बेरोजगारी पर लगाम लगाई जा सकती है

apnibaat.org /अनमोल कुमार पटना: भारत सरकार लघु सुक्ष्म उद्यम मंत्रालय एवं  नारियल विकास बोर्ड के सहयोग से खुसरुपुर में पच्चीस महिलाओं को नारीयल से मूर्ति, पेन स्टैंड, दीप स्टैंड, झूमर…

बालू लदी ट्रैक्टर ट्राली के चपेट में आने से बालिका की मौत

बालू लदी ट्रैक्टर ट्राली के चपेट में आने से मासूम बच्ची की मौत बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत इनरवा थाना क्षेत्र के पिड़ारी गांव में रविवार की…

बेतिया पुलिस ने लगभग 4 करोड़ का चरस बरामद किया

बखरिया में पहुंचने वाला 18 किग्रा चरस, पुलिस ने जप्त किया बबलू कुमार पटेल बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला के बेतिया पुलिस अंतर्गत मझौलिया थाना क्षेत्र स्थित बेतिया-मोतिहारी मार्ग के एनएच…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया