युवाओं का मौसम के अनुकूल स्मार्ट कृषि को कौशल विकास विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

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पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में दिनांक 7 अक्टूबर, 2026 को “युवाओं का मौसम के अनुकूल स्मार्ट कृषि को कौशल विकास” विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं किसानों को मौसम आधारित कृषि प्रबंधन, जलवायु सहनशीलता, मौसम पूर्वानुमान तथा आधुनिक कृषि-मौसम सेवाओं के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के पूर्णिया, वैशाली, बांका, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सिवान, जमुई, पटना एवं बक्सर जिलों से कुल 20 युवा किसान भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अनुप दास, निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना ने संदेश दिया कि जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि प्रबंधन की जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय पर मौसम पूर्वानुमान एवं वैज्ञानिक सलाह को कृषि निर्णयों से जोड़कर फसल उत्पादन के जोखिम को कम किया जा सकता है तथा किसानों की आय और कृषि की स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण में भाग ले रहे युवाओं एवं किसानों से प्राप्त ज्ञान को अपने क्षेत्र में अपनाने और अन्य किसानों तक पहुँचाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन स्मार्ट मौसम प्रबंधन के माध्यम से जलवायु सहनशीलता का निर्माण, भारत मौसम विज्ञान विभाग की मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी सेवाएँ, किसानों द्वारा मौसम संबंधी अनुभवों का साझा करना, फसल, कीट एवं रोगों का मौसम के साथ पारस्परिक संबंध एवं उचित प्रबंधन तथा मोबाइल ऐप एवं वेबसाइट के माध्यम से मौसम संबंधी सूचना प्राप्त करने एवं उसके उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सत्र आयोजित किया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि मौसम में होने वाले बदलावों का कृषि उत्पादन, फसल स्वास्थ्य, पशुधन एवं किसानों की आय पर सीधा प्रभाव पड़ता है। समय पर प्राप्त मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनियों को कृषि निर्णयों से जोड़कर किसान जोखिम को कम करने तथा संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं एवं किसानों को मौसम संबंधी जानकारी को कृषि निर्णयों से जोड़ने तथा स्मार्ट, जलवायु-सहिष्णु एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. संजीव कुमार, प्रभागाध्यक्ष, फसल अनुसंधान एवं डॉ. मनीषा टम्टा, वैज्ञानिक (कृषि मौसम विज्ञान) हैं।
