Wed. Jun 24th, 2026
पटना में एक वाहन से सीमा शुल्क (निवारण) ने विदेशी मूल के लाखो रुपए मूल्य के 80 कार्टून सिगरेट जब्त किया
APNI BAT/apnibaat .org
पटना : पटना में एक वाहन से सीमा शुल्क (निवारण) मुख्यालय पटना के पदाधिकारियों ने बुधवार को गुप्त सूचना पर विदेशी मूल के 80 कार्टून (9,82,450 स्टिक) सिगरेट बरामद किया। बताया गया है कि कच्ची दरगाह, पटना के पास एक बोलेरो पिकअप वैन पंजीयन संख्या बीआर01 जीएफ 7135 से जब्त किया गया। जिसका बोलेरो पिकअप भान सहित कुल अनुमानित मूल्य 39.63 लाख रुपये बताया गया है। सीमा शुल्क (निवारण) मुख्यालय पटना को गुप्त सूचना मिली कि बिना किसी वैध कागजात के विदेशी मूल के सिगरेट तस्करी कर लाया जा रहा है। तत्काल पदाधिकारियों की तत्परता से जाँच अभियान संचालित कर जाँच के क्रम में पिकअप से विदेशी मूल के सिगरेट को सीमाशुल्क अधिनियम अंतर्गत जब्त कर लिया गया। जब्त किये गए सिगरेट में मूलतः इंडोनेशिया ब्लैक प्रीमियम क्वालिटी एवं अन्य संदेहास्पद विदेशी मूल के सिगरेट शामिल हैंl
पदाधिकारियों ने बताया कि बिना किसी वैधकागजात के तस्कर जब्‍त विदेशी सिगरेट तस्‍करी कर लाने के क्रम में पकड़ा गया। फिलहाल इस बात की छानबीन की जा रही है कि ये विदेशी मूल के सिगरेट कहाँ से लाया एवं कहाँ ले जाया जा रहा एवं इसके तस्करी में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके लिए अन्य विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। यह पूरी करवाई सहायक आयुक्त, सीमा शुल्क (निवारण) मुख्यालय पटना के नेतृत्व में अन्य अधीक्षक एवं निरीक्षकों ने किया। पिछले कुछ समय से डॉ यशोवर्धन पाठक, आयुक्त, सीमा शुल्क (निवारण) पटना के दिशा निर्देश में तस्करी के विरुद्ध सघन एवं व्यापक अभियान संचालित है। इसके परिणामस्वरुप तस्करी के कई सामान जब्त किये गए हैं। आयुक्त ने बताया कि तस्करी के विरुद्ध अभियान निरन्तर संचालित रहेगा तथा अधिक प्रभावी कार्यान्वयन किया जाएगा। इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध सीमा शुल्क अधिनियम अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्‍त अन्य विभागों, रेलवे पुलिस बल, पुलिस विभाग तथा अन्य सरकारी संस्थाओं और सूचना देने वाले व्यक्तियों का भी सीमा शुल्क विभाग संचालित इस तस्कर निरोधक अभियान में भविष्य में भी बेहतर समन्वय और सहयोग अपेक्षित है। जिससे ऐसी गैर कानूनी गतिविधि पर पूर्णविराम लग सके। इस सम्बन्ध में आयुक्त ने यह भी बताया कि तस्करी विरोधी अभियान में सहयोग करने वाले विभागों यथा रेलवे पुलिस बल,पुलिस विभाग तथा अन्य सरकारी संस्थाओं के पदाधिकारीयों एवं सूचना देने वाले व्यक्तियों को सीमा शुल्क अधिनियम के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है।
Spread the love

By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

Leave a Reply

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया