Tue. Jun 23rd, 2026
 जिला खेल पदाधिकारी विजय कुमार पण्डित ने की मतदाता जागरुकता रैली निकाला
बगहा/बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला में लोकसभा आम चुनाव 2024 अंतर्गत मतदान के प्रतिशत को बढ़ाने तथा मतदाता को जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार 12 अप्रैल 2024 को राजकीय संपोषित उच्च माध्यमिक विद्यालय हरनाटांड़ के खेल प्रांगण में बगहा अनुमंडल स्तरीय फुटबॉल और वालीबाल खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अनुमंडल स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में कुल सात तथा वॉलीबॉल में आठ टीमों की सहभागिता रही। जिला में चुनावी सरगर्मी के बीच तथा पश्चिम चम्पारण के खिलाड़ियों ने मतदाता को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अभियान छेड़ दिया है। खेल प्रतियोगिता के साथ ही साथ खिलाड़ियों ने रैली निकालकर मतदाता को जागरूक करने को मुख्य धारा में जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। खिलाड़ियों ने स्लोगन अंतर्गत पहले मतदान करो, फिर जलपान करो। खिलाड़ियों ने ठाना है, मतदान करने जाना है,जैसे नारा के माध्यम से जागरूकता रैली निकाली गयी।  विजय कुमार पंडित जिला खेल पदाधिकारी ने अपने सम्बोधन में आम नागरिकों, खिलाड़ियों, महिलाओं से कहा कि लोकतंत्र में एक-एक वोटर के वोट का बहुत अधिक महत्व है। एक वोट से उस क्षेत्र के दशा दिशा को भी बदल सकती है। उन्होंने कहा कि देश तभी विकास करेगा, जब प्रत्येक वोटर वोट करें।मतदान प्रत्येक भारतीय नागरिक का अधिकार है। चुनाव लोकतंत्र का भाग है, चुनाव के द्वारा लोकतंत्र का निर्माण होता है। तकनीकी पदाधिकारी के रूप में  संदीप कुमार, सोहराब अंसारी, प्रवीण कुमार, फखरुद्दीन, श्याम चौधरी ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाया है। इस अवसर पर उपर्युक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक,संतोष कुमार शशि, धनंजय मिश्रा, सुनील कुमार, आदित्य कुमार, राकेश कुमार, मुकुंद मुरारी, धनंजय कुमार, मांडवी कुमारी, महिमा कुमारी, भवानी कुमारी, काव्य कुमारी मौके पर मौजूद रहे।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया