Wed. Jun 24th, 2026
बेतिया : वाल्मीकि प्रेस ट्रस्ट से जुड़े पत्रकार ने बेतिया नगर के बरवत सेना, बरवत पसराईन, नौतन प्रखण्ड के धूमनगर, गहिरी कोठी, सोफवा टोला, मझौलिया के महोदीपुर, भटवलिया, खैरवा, लालगढ़ में विगत वर्ष की भांति इसवर्ष भी रमजान के रोजादारों में ईदी समाग्री व सेवईया वितरण किया। मझौलिया प्रखंड के ग्राम पंचायत राज महोदीपुर कलया माई स्थान के समीप बसे रोजादार परिवार का घर आग के चपेट में आने से जलकर राख हो गया।  जिसमें लाखों की संम्पति की क्षति हुई। वहाँ सेवइया व पैकेट प्राप्त कर रोजादारों की आंख खुशी से नम होती दिखी। ग्रामीण रोजेदार का कहना है कि अभी तक सीओ ने सिर्फ सिर छुपाने के लिए प्लास्टिक का सहयोग किया है। आग से नुकसान हुए व्यक्ति मे नसरुद्दीन अंसारी, जहरुद्दीन अंसारी, तौकिर अंसारी, अवशीर अंसारी तथा मो. मजीद अंसारी है। वही मो. मजीद अंसारी की पुत्री की शादी का महज पांच दिन है।
 ट्रस्ट ने अपना खाता नंबर पीएनबी(PNB) A/c
3939002100013047 (IFSC-code PUNB 0393900) भी जारी किया है। जिसमें कोई भी सहयोग कर सामाजिक कार्यों में ट्रस्ट के किए जा रहे प्रयास को लेकर ट्रस्ट के हाथों को मजबूत कर सकता है। इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष राणा प्रताप गुप्ता, सचिव निरंकार भास्कर, मीडिया प्रभारी शेखर सोनी, प्रवक्ता सत्यम सिंघानिया, कोषाध्यक्ष अतुल कुमार, अश्विनी कुमार, राकेश कुमार, नवीन कुमार, जय किशोर शर्मा, मिथलेश कुमार, रवि कुमार राज कुमार, ऋषिकेश तिवारी, समर दादा, समाजसेवी पुण्यदेव प्रसाद, नाग नारायण यादव, मंजूर आलम मौजूद रहे।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया