Mon. Apr 22nd, 2024
बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं
बेतिया: स्वतंत्र भारत के संविधान निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉ भीम राव अम्बेडकर के नाम पर बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर में सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के आदेश का अनुपालन नही किये जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। स्वतंत्र भारत के संविधान निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉ बीआर अम्बेडकर के नाम संचालित विश्वविद्यालय में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उपर्युक्त मामला पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया स्थित रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के वर्तमान प्राचार्य डाॅ राजेश्वर प्रसाद यादव की नियुक्ति व तिथि अंकित करने का एक ही महाविद्यालय में एक ही प्रकृति के व्याख्याता के नियुक्ति की तिथि में बदलाव सवालों के घेरे में है। महाविद्यालय सूत्रों की मानें तो रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय की स्थापना 1975 में हुई एवं विश्व विद्यालीय संबद्धता 30 अप्रैल बिहार विश्वविद्यालय से हुई। जिसके संस्थापक प्राचार्य वकील प्रसाद यादव बनाए गए। जस्टिस एससी अग्रवाल के रिपोर्ट के अनुसार भाग ।। के Term of Reference No 1 के अनुसार महाविद्यालय के 13 शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों में एक प्राचार्य एवं 12 व्याख्याता के पद होते हैं। रिपोर्ट के Term of Reference No 3 के xi प्रसंग के अनुसार राजेश्वर प्रसाद यादव गणित के लेक्चरर पद पर 30 अक्टूबर 1983 नियुक्त हुए। नियुक्ति के समय 51 प्रतिशत अंक के साथ सेकेंड क्लास पोस्ट ग्रेजुएट रहे। उन्होंने 1995 में पीएचडी की उपाधि प्राप्त किया। चूँकि श्री यादव की पीएचडी में अर्हता नहीं, इसलिए उन्हें अर्हता पूरी करने के लिए पी.एच.डी करनी पड़ी तथा अर्हता पूरी करने की तिथि 11.3.1995 ही मान्य तिथि मानी जाएगी। विश्व विद्यालय के तत्कालीन कुलसचिव के द्वारा निदेशक उच्च शिक्षा को भेजे हुए पत्रांक बी/1370 दिनांक 12 अगस्त 2021 में नियुक्ति की  तिथि 19 जुन 1987 लिखी गयी। नियुक्ति की तिथि में बदलाव होने से  वार्धक्य  में बदलाव हो जाएगी एवं भुगतान किए जाने वाली राशि में भी वृद्धि हो जाएगी। क्रमशः…………..
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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