परमात्मा के संग का रंग आत्मा को निर्भय और साक्षी बना देता है
परमात्मा के साथ अपना सम्बन्ध मानने से ही उसके प्रति हमारे मन में प्रेम ही तो मन को मग्न करने एवं जोडने का साधन है। अतः हरेक योगाभ्यासी को चाहिए…
परमात्मा के साथ अपना सम्बन्ध मानने से ही उसके प्रति हमारे मन में प्रेम ही तो मन को मग्न करने एवं जोडने का साधन है। अतः हरेक योगाभ्यासी को चाहिए…
ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए औरन को शीतल करे आपहू शीतल होय। शब्द संभल कर बोलिए शद के हाथ ना पाव एक शब्द औषध बने एक शब्द करे…
मय भारत के वासी अँव रे मय भारत के वासी अँव। धरती दाई के सेवा बजइया वफादार चपरासी अँव।। ना मय छत्तीसगढिया आवंव, ना मय हर गुजराती अँव, ना मय…
हम तो उड़ चले नील गगन के पार। देह को तज कर, गुणों से सज कर शिव बाबा के द्वार। हम तो उड़ चले नील गगन के पार। रुप है…
गांव बोरई में प्रतिभा सम्मान समारोह और रिकाँर्डिगं डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर नें समाज के प्रमुख शिक्षा शासकीय…
कहा जाता है कि चिंता रावण की बेटी है। प्रथम दृष्टि में ही बात पूरी तरह सही प्रतीत होती है क्योकि चिंता बहुत कुरुप होती हैं परन्त ु फिर भी…
हमारे शब्दो में एक प्रकार की ऊर्जा समाहित होती हैं जो सामने वाले के पास जाती है। कोई भी बात मुख से बोलने से पहले मन में संकल्प रुप में…
हम सब जानते है, कि हमारा जीवन कर्म प्रधान है। कर्म करने के लिए हम बाध्य हैं। कर्म का अर्थ केवल शारीरिक रुप से कोई काम करना नही लेकिन हम…
समस्याएं तो रहेगी समस्याओ को मिटाया नहीं जा सकता लेकिन उनको निष्क्रिय किया जा सकता हैं। जैसे बम गिरा हुआ हैं, हम उसको निष्क्रिय कर सकते हैं ताकि वह किसी…
जैसे गर्मी के मौसम में गर्मी स्वाभाविक होती है और सर्दी के मौसम में सर्दी भी होती हैं यदि कोई गर्मी के मौसम में कहे कि मुझे गर्मी बहुत लग…