Wed. Jun 24th, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

एड्स उन्मूलन जागरुकता अभियान का संचालन रोटरी क्लब पटना व रोटरी क्लब कंकडबाग ने किया 

एड्स उन्मूलन जागरूकता अभियान रोटरी क्लब, पटना और रोटरी क्लब, कंकडबाग ने किया apnibaat.org/अबमोल कुमार पटना। रोटरी क्लब, पटना एवं रोटरी क्लब कंकडबाग के संयुक्त तत्वावधान में रोटरी भवन के…

बिहार वाटर बर्डस सेंसस 2025, पक्षी विज्ञान और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान : प्रेम कुमार

एशियन वाटरबर्ड सेंसस 2025 कार्यशाला का आयोजन, मंत्री प्रेम कुमार ने किया उद्घाटन apnibaat.org पटना। बिहार में एशियन वाटरबर्ड सेंसस 2025 कार्यशाला का आयोजन सोमवार को अरन्य भवन में किया…

बिहार भू काश्तकारी अधिनियम 1885 अंतर्गत बेतिया राज की भूमि पर निर्मित भवन को कानूनी अधिकार दे सरकार : बीरेंद्र प्रसाद गुप्ता

बेतिया राज की भूमि पर घर बनाकर लंबे समय से रह रहे लोगों से जमीन के रकबा के हिसाब से एक निश्चित राशि दण्ड वसुली बिहार भू काश्तकारी अधिनियम 1885…

कृषि मजदूरों की कमी के दृष्टिगत मगध सुगर एंड एनर्जी ने गन्ना कटाई व छिलाई मशीन का प्रदर्शन किया 

  गन्ना की खेती करने वाले किसानों को तकनीकी क्रांति से अत्यधिक लाभ मिलेगा, कृषि मजदूरों की कमी मशीन पूरा करेगा apnibaat.org नरकटियागंज: मगध सुगर एंड एनर्जी की इकाई न्यू…

नरकटियागंज आरएमएस सेवा समाप्त करने की दिशा में आधा कर्मियों से काम लेने का पदाधिकारी का निर्देश 

सत्यदेव जनसेवा ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री, सीपीएमजी व पीएमजी से हस्तक्षेप की मांग किया नरकटियागंज : साधारण प्राप्त डाक जो प्रधानमंत्री भारत सरकार एवं सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार से सम्बंधित है,…

संविधान दिवस पर भारतीय चमार महासंघ ने कार्यक्रम आयोजित किया

  मोतिहारी । पूर्वी चम्पारण जिला मुख्यालय मोतिहारी में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर भवन में भारतीय चमार महासंघ (बीसीएम) के तत्वाधान में संविधान दिवस पर कार्यक्रम आयोजित…

मलाही टोला बैरिया में गोलीबारी एक घायल

  बेतिया: बेतिया पुलिस अंतर्गत बैरिया थाना क्षेत्र के मलाही टोला गांव में सोमवार 25 नवम्बर 2024 को 20:30 बजे बकाया राशि को लेकर आपसी विवाद में गोलीबारी की घटना…

दो व्यवसाइयो में मारपीट, हाई वोल्टेज ड्रामा के दृष्टिगत पुलिस ने दोनों को न्यायालय को सौंप दिया

  गिरफ्तार दोनो व्यवसाई योगापट्टी मच्छरगांवा स्थित राजमाता साड़ी शोरुम व गणपति हैंडलूम के संचालक बताए गए हैं बेतिया : बेतिया पुलिस अंतर्गत योगापट्टी थाना क्षेत्र के मच्छरगांवा में विगत…

लिंगानुपात व ईपी रेसियो बढ़ाने की कार्रवाई : एम. सर्वणन, आयुक्त

बीएलओ को लक्ष्य निर्धारित कर मतदाता सूची में महिलाओं का नाम अंकित करा सुनिश्चित कराएं: एम. सर्वणन  समाहरणालय बेतिया में तिरहुत प्रमंडलायुक्त मुफ्फरपुर ने विभिन्न योजना एवं कार्यक्रम की विस्तृत…

बाल दिवस पर रोटरी क्लब का विशाल स्वास्थ्य शिविर सम्पन्न

रोटरी क्लब द्वारा मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन रिपोर्ट अनमोल कुमार पटना। रोटरी क्लब पटना कंकड़बाग ने “विश्व बाल दिवस” पर नवीन आदर्श मध्य विद्यालय, कंकड़बाग, पटना के कक्षा…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया