Wed. Jun 24th, 2026

Author: Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

बेतिया में सरकार के विरुद्ध छात्र राजद का विरोध मार्च

APNI BAT/apnibaat.org बेतिया : बिहार लोक सेवा आयोग पेपर लीक एवं प्रत्येक परीक्षा मे हो रहे अनियमितता, पेपर लीक, बिहार मे बढती अफ़सरशाही और भ्रष्टाचार के विरुद्ध 06 जनवरी 2025…

मगध गौरव सम्मान से पत्रकार अनमोल कुमार सम्मानित

आजाद बेलफेयर सेन्टर गया ने उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए अनमोल कुमार को मगध गौरव सम्मान से नवाजा पटना/गया। आजाद बेलफेयर सेन्टर, गया के सचिव और जाने माने प्रख्यात हैम्योपैथिक चिकित्सक…

सीवीआरसी नई दिल्ली ने सब्जी की तीन नई वेराइटी (लॉन्च) अधिसूचित किया

बीएयू सबौर ने सीवीआरसी, नई दिल्ली ने तीन नई सब्जी की वेरायटी (प्रकार) अधिसूचित किया भारत में कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण…

रोटरी क्लब पटना का कंकडबाग में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

रोटरी क्लब ऑफ पटना कंकडबाग ने स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया   APNI BAT/apnibaat.org पटना : रोटरी क्लब ऑफ पटना कंकडबाग ने रविवार को रामसुंदर दास पार्क, कंकड़बाग में…

छत्तीसगढ़ में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या, लोकतंत्र के लिए घातक

छत्तीसगढ़ में पत्रकार, मुकेश चन्द्राकर की जघन्य हत्या लोकतंत्र के लिए घातक बिहार प्रेस मेन्स यूनियन ने केंद्र सरकार से अतिशीघ्र पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग किया APNI…

प्रखंड जदयू की आवश्यक बैठक संपन्न

प्रखंड जदयू की आवश्यक बैठक संपन्न, 15 जनवरी 2025 को एनडीए की बैठक सफल बनाने की अपील apnibaat.org नरकटियागंज : प्रखंड जदयू की आवश्यक बैठक जयदेव के प्रखंड अध्यक्ष  अखिलेश…

धान-परती भूमि प्रबंधन में उन्नत तकनीक विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण व कार्यशाला सम्पन्न 

उन्नत कृषि तकनीक द्वारा धान-परती भूमि प्रबंधन विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण व कार्यशाला सम्पन्न पटना : डॉ.अनुप दास के नेतृत्व में, पूर्वी भारत के धान-परती क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के…

परती भूमि को हरा भरा बनाने के लिए कृषि में समेकित प्रबंधन आवश्यक: डॉ एस के चौधरी

धान-परती क्षेत्रों को हरा-भरा बनाने हेतु कृषि में समेकित प्रबंधन जरूरी : डॉ. एस. के. चौधरी पटना: पूर्वी क्षेत्रों के अधिकांश किसान धान की कटाई के उपरांत अपर्याप्त सिंचाई सुविधा,…

पटना में राष्ट्रीय कार्यशाला और विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की समीक्षा बैठक

कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में राष्ट्रीय कार्यशाला और विदेशी सहायता प्राप्त परियोजनाओं की समीक्षा बैठक का होगा आयोजन apnibaat.org पटना: देश के अधिकांश धान-परती क्षेत्र (लगभग 80%) पूर्वी भारत में…

बीपीएससी परीक्षा के रद्द करने की मांग पिछले पखवाड़े से अड़े हैं अभ्यर्थी

पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ अभ्यर्थियों  का प्रदर्शन  प्रदर्शनकारियों को विपक्ष का समर्थन पप्पू यादव के समर्थकों ने किया रेल चक्का जाम apnibaat.org पटना : बिहार लोक सेवा आयोग बीपीएससी की परीक्षा के…

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खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया