Tue. Jun 23rd, 2026
पश्चिम चम्पारण जिला के नवागत जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय ने मंगलवार को कार्यभार संभाला
बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के नवागत जिला पदाधिकारी दिनेश कुमार राय ने मंगलवार को पदभार ग्रहण किया। नव पदस्थापित डीएम दिनेश कुमार राय को को पूर्व डीएम कुंदन कुमार ने पदभार सौंपा। दिनेश कुमार राय ने जिला पदाधिकारी का पद ग्रहण करने के उपरांत उपस्थित पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने जिला में क्रियान्वित विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रम सम्बंधित जानकारी प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ निम्न वर्ग तक पहुंचाने को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि पश्चिम चम्पारण जिला की ऐतिहासिक धरती पर आकर गौरवान्वित हूं। जिला के विकास के लिए सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को ईमानादारीपूर्वक एवं कर्तव्य निर्वहन करना होगा। जिससे पश्चिम चम्पारण जिला तीव्र गति से विकास के पथ पर अग्रसर रहे। उन्होंने कहा कि विकास उनकी पहली प्राथमिकता है। जिला की विकास की गति को तीव्र किया जाएगा। पूर्व डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि ऐतिहासिक भूमि को कभी नहीं भूलेंगे। जिला के लोगों का प्यार और स्नेह हमेशा साथ रहेगा। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों से कहा कि पश्चिम चम्पारण जिला को विकास के पथ पर तेजी के साथ बढ़ाने में आपके सहयोग सहयोग नवागत पदाधिकारी को दें। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अनील कुमार, अपर समाहर्ता राजीव कुमार सिंह, जिलास्तरीय पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
Spread the love

By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

Leave a Reply

You missed

खेत बचाओ अभियान अंतर्गत भोजपुर जिला के दो गांव में किसानों को दिया प्रशिक्षण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के दो गांवों में किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, फसल सुरक्षा तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। अभियान के अंतर्गत पहला कार्यक्रम धनछुआ गांव, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें कुल 30 किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागियों में 27 पुरुष एवं 3 महिला किसान शामिल थीं। वहीं दूसरा कार्यक्रम कोनी गांव, चौरी पंचायत, सहार प्रखंड, भोजपुर में आयोजित किया गया, जिसमें 31 किसानों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईसीएआर-पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना से विशेषज्ञगण डॉ. पंकज कुमार, डॉ. मनोज कुमार त्रिपाठी तथा श्री ए.एस. महापात्रा मौजूद थे। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र, आरा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. विकास सिंह मौजूद थे। विशेषज्ञों ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व उचित मात्रा में प्राप्त होते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने तथा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को हरित खाद के महत्व से भी अवगत कराया गया। वैज्ञानिकों ने बताया कि धैंचा एवं सनई जैसी फसलों का उपयोग हरित खाद के रूप में करने से मिट्टी में जैविक कार्बन एवं नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, मृदा की संरचना में सुधार होता है तथा भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खरीफ मौसम में धैंचा एवं सनई की खेती कर उन्हें खेत में पलटने की तकनीक एवं उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को अति उपयोगी बता, ऐसी जागरुकता गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया