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खेत बचाओ अभियान – संकल्प गीत

रबी की खेती में विज्ञान अपनायें, किसान की आय बढ़ायें

apnibaat.org

(1) रबी की खेती, नई उमंग
रबी का मौसम आया भइया, खेतों में खुशहाली लायें।
गेहूँ, चना, मसूर, सरसों, वैज्ञानिक ढंग से उगायें।
कभी सूखा, कभी बेमौसम वर्षा, संकट बड़ा सताये।
ज्ञान-विज्ञान का साथ मिले तो, मुश्किल दूर भगायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(2) वर्षा जल बचाओ, जीवन बचाओ
वर्षा कम हो, पानी घटे तो, चिंता मन पर छाये।
खेत-मेड़ और ताल-तलैया, वर्षा का जल बचायें।
छत का पानी, खेत का पानी, धरती में पहुँचायें।
जल संचय और सही निकास से, संकट दूर भगायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(3) भूजल और नहर का सही प्रबंधन
नहर का पानी समय से बाँटें, मिलकर राह बनायें।
भूजल का स्तर जाँचें भइया, सोच-समझकर जल उठायें।
कुआँ, तालाब और जल-संग्रह से, सिंचाई को अपनायें।
पानी जितना फसल को चाहिए, उतना ही पहुँचायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(4) ड्रिप और स्प्रिंकलर अपनायें
ड्रिप से बूँद-बूँद पानी, जड़ तक पहुँचायें।
स्प्रिंकलर से फुहार लगाकर, खेतों को नहलायें।
फसल, मिट्टी एवं जलानुसार विधि अपनायें।
कम पानी में बेहतर उपजाकर लाभ बढ़ायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(5) खेत का पानी, खेत में सँभालें
खेत समतल, मजबूत मेड़ हो, नाली सही बनायें।
सही समय और सही मात्रा में, सिंचाई करते जायें।
न जलभराव, न सूखा पड़े, जड़ तक नमी बचायें।
प्रक्षेत्र जल प्रबंधन अपनाकर अच्छी फसल उगायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(6) पलवार बिछायें, नमी बचायें
खेतों में पलवार बिछायें नमी न जल्दी जाये।
और फसल-अवशेष की सही परत से पानी बचता जाये।
खरपतवार के कम उगने से यह मिट्टी स्वस्थ बनाये।
पानी, श्रम व लागत बचाके उपज से लाभ बढ़ाये।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(7) खरपतवार पर वार
खरपतवार से फसल की ताकत, हर दिन घटती जाये।
समय निकलने पर भइया फिर उपज में कमी आ जाये।
जो समय पर निराई-गुड़ाई व फसल चक्र अपनाये।
वही आवश्यकतानुसार दवा छिड़ककर खरपतवार हटाये।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(8) स्वस्थ माटी, भरपूर पैदावार
मिट्टी की जाँच कराइये और इसका हाल जानिये।
नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटाश की सही जरूरत पहचानिये।
जैविक खाद व संतुलित पोषण से मिट्टी स्वस्थ बनाइये।
उचित मात्रा में उर्वरक देकर गुणवत्तापूर्ण उपज पाइये।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(9) बीज सही, पैदावार सही
जब चुनता प्रमाणित बीज, किस्म क्षेत्र के अनुकूल।
और शुद्धता व अंकुरण जाँचता, पाता तब फसल भरपूर।
सही मात्रा, सही दूरी, सही समय पर बुआई, व सही तरीका अपनाकर।
होती है किसान की हर समस्या दूर।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(10) खाद, पोषण और दवा का ज्ञान
बीज, खाद, पोषक तत्व, समय से उपलब्ध हों।
और गुणवत्ता के सही मानक से, आदान खेत में पहुँच पायें।
कीट-रोग की पहचान करें, एकीकृत प्रबंधन अपनायें।
जरूरत पर सही दवा चुनकर, सुरक्षित फसल बचायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(11) तकनीकी ज्ञान बने ताकत
जानकारी के अभाव में भइया, नुकसान बड़ा होता जाये।
गलत तरीके से खेती करने पर, खर्चा भी बढ़ता जाये।
जब कृषि वैज्ञानिक व कृषि केंद्र सही राह दिखलाये।
तब प्रशिक्षण व प्रदर्शन द्वारा किसान नई तकनीक अपनाये।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(12) समय पर सूचना, संकट का समाधान
मौसम पूर्वानुमान व वर्षा की खबर हर घर पहुँचाई जाये।
मोबाइल पर कृषि संदेश पढ़ सही कदम उठाया जाये।
कृषि विभाग व कृषि चौपाल सही सूचना उपलब्ध कराये।
सही समय पर सही सलाह से नुकसान घटाया जाये।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(13) सरकारी योजनाओं का लाभ
केंद्र-राज्य की योजनाओं का, हर किसान ज्ञान पाये।
पात्रता और आवेदन की विधि, सबको समय से समझ आये।
कृषि विभाग व पंचायत से उनको उचित जानकारी मिल पाये।
योजनाओं के उचित लाभ से खेती आगे बढ़ जाये।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(14) किसान क्रेडिट कार्ड और वित्त
किसान क्रेडिट कार्ड बनवाओ, खेती की पूँजी पाओ।
बैंक और सहकारी संस्था से, भाइयो अपना नाता बढ़ाओ।
ऋण की शर्तें, ब्याज, आवेदन, ठीक तरह से समझ जाओ।
समय पर उचित वित्त से, खेती का विस्तार बढ़ाओ।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(15) छोटे खेत, सामूहिक शक्ति
छोटे-छोटे खेत हैं भइया, ऐच्छिक चकबंदी अपनायें।
किसान समूह, एफपीओ बनायें, मिलकर समस्या सुलझायें।
मशीन, सिंचाई, भंडारण का सब मिलकर लाभ उठायें।
लागत घटे, उत्पादन बढ़े, बाजार में बेहतर दाम कमायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(16) बाजार और आधारभूत सुविधाएँ
सड़क, बिजली, गोदाम, मंडी, मजबूत व्यवस्था बनायें।
फसल की ढुलाई, भंडारण में, किसान को सुविधा बढ़ायें।
बाजार भाव की खबर रखें, उपज का मोल बढ़ायें।
ताकि सही तौल व उचित कीमत पर अपनी फसल बेच पायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(17) आय, सम्मान और खुशहाली
तकनीकी ज्ञान, बाजार, वित्त है समृद्धि की पहचान।
सूचना और आधारभूत संरचना से बढ़ जाती है आय व शान।
हों पाँचों स्तंभ मजबूत जब, तब बदलें खेत और खलिहान।
होंगे समृद्ध व सशक्त किसान, और होगा खुशहाल जहान।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

(18) संकल्प
किसान, वैज्ञानिक, सरकार, बैंक, मिलकर कदम बढ़ायें।
गाँव-गाँव में खेत बचाओ का, संदेश सभी फैलायें।
जल, जमीन और माटी बचाकर, खेती का मान बढ़ायें।
विज्ञान और मेहनत के बल पर, नया बिहार बनायें।
खेत खलियान बचाने की, वैज्ञानिक तकनीक अपनायें।
हर समस्या के समाधान हेतु, हम यह शपथ दोहरायें।

प्रेषक:

डॉ. आशुतोष उपाध्याय
प्रमुख, भूमि एवं जल प्रबंधन प्रभाग
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना – 800014

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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