गांव की चौपाल की चर्चा से बने देश की किसान हितैषी नीति, दिल्ली में 30 सितम्बर 2026 को महिला किसान सम्मेलन : भारतीय किसान संघ
जीन एडिट की किसान संघ ने घोर निंदा किया, एथेनॉल पर किसान संघ ने कहा किसानों की आय वृद्धि में सहायक
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मेरठ : ‘गाव को इतना सामर्थ्यवान बनाना है कि गांव के चौपाल की चर्चा राष्ट्र के नीति निर्धारकों तक पहुँचे’ इस ध्येय वाक्य की संकल्पूर्ति के लक्ष्य को तय करते हुए भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रबंध समिति बैठक उत्तरप्रदेश के मेरठ स्थित माधव कुंज परिसर स्थित सभागार में संपन्न हुई। भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने प्रबंध समिति बैठक में चिंतन मंथन पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आगामी वर्ष भारतीय किसान संघ का सदस्यता वर्ष है इस दृष्टि से देश के अधिक से अधिक गांवों में सदस्यता करते हुए संगठन खड़ा करने की बात हुई।एथेनॉल पर राजनैतिक बयानबाजी व गतिरोध पर मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि देश भर के किसानों का मत है कि एथेनॉल के कारण किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ साथ पर्यावरण में सुधार हुआ है। यह विदेशी मुद्रा संरक्षण की दृष्टि से उठाया बड़ा कदम है। इसलिए देश के किसान व किसान हितैषी बंधुओं को इसके पक्ष में अपना मत खुलकर रखना चाहिए। महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि जब भी किसानों को बाजार से अच्छा मूल्य मिलने की संभावना बनती है। तुरंत देश में बैठे किसान विरोधी तत्व महंगाई के नाम पर हंगामा करते हुए, किसानों को अच्छा मूल्य न मिल सके। इसके लिए लड़ने लगते हैं।श्री मिश्र ने बताया कि भारत अमेरिका व्यापार समझौता विषय पर भी चर्चा हुई। चूंकि समझौता वार्ता अभी रुकी हुई है। सरकार बार बार कहकरही जा रहा है कि कृषि, डेयरी व फिशरी के संबंध में कोई भी समझौता नहीं होने वाला है। इस आश्वाशन से किसान आश्वास्त है। किसान संघ का कहना है कि जब भी वार्ता शुरू होगी। हम उस पर नजर रखेंगे।
30 सितंबर को दिल्ली में 30 सितम्बर 2026 को महिला किसान सम्मेलन
श्री मिश्र ने बताया कि आगामी 30 सितंबर को भारतीय किसान संघ द्वारा दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के अवसर पर एक बड़ा महिला किसान सम्मेलन करने की तैयारी कर रहा है। जिसकी व्यवस्थाओं के लेकर भी प्रबंध समिति में चर्चा की गई। जिसमें देश भर से हजारों महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। जिसमें हम खेती ही करेंगे, गौ आधारित जैविक खेती, विषमुक्त भोजन, रोगमुक्त जीवन, स्वालंबन व परिवार प्रबोधन विषय शामिल होंगे।
महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने जीएम फसलों को लेकर कहा कि जिस प्रकार से अधिक उत्पादन के नाम पर बीटी कपास को लाकर अपने स्वाबलंबन को खत्म कर कपास की खेती को बर्बाद कर दिया। कुछ लोग अब जीन एडिट चावल (धान) की खेती के माध्यम से चावल के स्वाबलंबन को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ इसकी घोर निंदा करता है।
भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय प्रबंध समिति बैठक में अखिल भारतीय अध्यक्ष के साईं रेड्डी, महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र, उपाध्यक्ष राम भरोस वासोतिया, पेरुमल, विशाल चंद्राकर, सुशीला विश्नोई, कोषाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख व किसान संघ के संपर्क अधिकारी रामलालजी की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। साथ ही देश भर के प्रदेश व प्रांतों के अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष, क्षेत्र संगठन मंत्री व प्रांत संगठन मंत्री की उपस्थिति भी रही।
