Sat. Jan 10th, 2026

 


विमल सर्राफ

बीरगंज : बीरगंज महानगरपालिका के प्रमुख राजेशमान सिंह ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक संस्कार के विकास के बिना आर्थिक संस्कार में सुधार संभव नहीं है। शुक्रवार को बीरगंज में आयोजित ‘आत्मनिर्भर समृद्ध बीरगंज – एक विराट संभावना’ विषयक बृहद् अंतरक्रिया कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मेयर श्री सिंह ने कहा कि मानसिकता में परिवर्तन के बिना स्थायी आर्थिक समृद्धि प्राप्त नहीं की जा सकती। मेयर श्री सिंह ने गलत प्रवृत्तियों के खुले विरोध की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विशेष रूप से युवाओं को भीड़-भाड़ और बहकावे में आने की प्रवृत्ति से सचेत रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “किसी के प्रभाव या दबाव में आए बिना युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में आगे बढ़ना चाहिए।”

उन्होंने वैभवशाली बीरगंज के निर्माण के लिए सभी सरोकारवालों के बीच सहयोग आवश्यक बताया और संघीय सरकार पर वीरगंज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देशभर में आपूर्ति होने वाले अधिकांश सामान वीरगंज के रास्ते जाते हैं, लेकिन केवल ढुवानी मार्ग तक सीमित रहने के कारण यहां के नागरिकों को धूल-धुआं सहना पड़ रहा है और अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

कार्यक्रम में मधेश विश्वविद्यालय के उपकुलपति प्रोफेसर डॉ. दीपक शाक्य ने उद्यमशीलता के विकास को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि अब नौकरी खोजने की बजाय रोजगार सृजना करने की संस्कृति विकसित करनी होगी। आर्थिक संस्कार ही बाजार को गतिशील बनाते हैं, इसलिए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देना जरूरी है।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ मधेश प्रदेश के अध्यक्ष अशोक टेमानी ने तराई–मधेश द्रुत मार्ग के निर्माण के बाद बीरगंज के तीव्र विकास पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एकीकृत सुरक्षा जांच चौकी (आईसीपी), ड्राई पोर्ट और बीरगंज भंसार कार्यालय जैसी संरचनाएं होते हुए भी शहर को उनका प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बीरगंज उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष हरिप्रसाद गौतम ने कहा कि सरकार की निजी क्षेत्र के प्रति गैर-मैत्रीपूर्ण नीति के कारण बीरगंज के साथ-साथ पर्सा और बारा जिलों के उद्योग-कल कारखाने भी प्रभावित हो रहे हैं। तीनों स्तर के करों के बोझ के कारण व्यवसायियों के पलायन की स्थिति पैदा हो रही है, जिस पर उन्होंने चिंता व्यक्त की।

जिला प्रहरी कार्यालय पर्सा के प्रमुख पुलिस अधीक्षक सुदीपराज पाठक ने कहा कि बीरगंज स्वयं में आर्थिक संस्कारयुक्त शहर है, लेकिन हाल के समय में अतिवाद बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बीरगंज की पहचान बनाए रखने के लिए यहां मौजूद अपार संभावनाओं के उचित प्रबंधन और प्रवर्द्धन की आवश्यकता बताई।

पिंक रोज मीडिया की अध्यक्ष अमृता पाण्डे ने बताया कि आर्थिक नगरी बीरगंज की दीर्घकालीन समृद्धि के लिए आर्थिक संस्कार अनिवार्य हैं, इसी आत्मबोध के साथ इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था के प्रबंध निदेशक राजेश महर्जन ने भी आर्थिक चेतना और आपसी सहयोग से ही वीरगंज की संभावनाओं को वास्तविकता में बदलने की बात कही।

कार्यक्रम में उद्योगपति अशोक वैद्य, नेपाल चिकित्सक संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नीरज कुमार सिंह, रेडियो वीरगंज के कार्यकारी अध्यक्ष ध्रुव साह, अर्थशास्त्री डॉ.दीपेंद्र कुमार चौधरी, नेपाल राष्ट्र बैंक बीरगंज के निदेशक सुशील पौडेल, पर्सा जिला अदालत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामनारायण कुर्मी सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
अंतरक्रिया में सहभागी वक्ताओं ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी आवश्यक क्षेत्रों में विदेश जाने वाले खर्च को देश के भीतर ही निवेश करने का वातावरण बनाने पर जोर दिया।

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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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