Fri. Jan 9th, 2026
पश्चिम चम्पारण जिला के मझौलिया प्रखण्ड स्थित कृषि विज्ञानं केंद्र मधोपुर के तालाब में मखाना सह मछली पालन प्रारम्भ कर दिया गया है। उसकी जानकारी माधोपुर कृषि केंद्र के वरीय वैज्ञानिक व प्रधान डॉ.अभिषेक प्रताप सिंह ने देते हुए बतया कि इस नवाचार के लिए मखाना की सबसे उन्नत और लोकप्रिय किस्म ‘स्वर्ण वैदेही’ का चयन किया गया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र के तालाब में इस किस्म के बीजों की सफल बुवाई कार्य सम्पन्न हो चुका है। ‘स्वर्ण वैदेही’ किस्म अपनी उच्च उत्पादन क्षमता और कम समय में तैयार होने की विशेषता के कारण वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों की पहली पसंद बनी हुई है। उन्होंने बताया कि  इस प्रदर्शन इकाई का मुख्य उद्देश्य जिला के किसानों को मखाना उत्पादन की आधुनिक तकनीक से अवगत कराना और उन्हें जागरुक करना है।   जिला में प्रचुर मात्रा में तालाब और ‘चौर’ व जलजमाव वाले नीचले क्षेत्र हैं। डॉ. सिंह ने इस तकनीक से होने वाले लाभ पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मखाना और मछली पालन का यह एकीकृत मॉडल किसानों के लिए एक ‘वरदान’ है। इसमें तालाब के जल का उपयोग मखाना उगाने के साथ-साथ मछली पालन के लिए भी किया जाता है। मखाना के पौधे तालाब के ऊपरी भाग में विकसित होते हैं, जबकि मछलियाँ पानी के नीचे स्तर पर पलती हैं। इससे न केवल संसाधनों का कुशल प्रबंधन होता है, बल्कि खेती की लागत में भारी कमी आती है।
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By Awadhesh Sharma

न्यूज एन व्यूज फॉर नेशन

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