रेल मंत्रालय व झारखंड सरकार प्रतिवादी, अरशद की पहल से लोगों में आस जगी
रांची/साहिबगंज। झारखंड स्थित साहिबगंज शहर का पश्चिमी रेलवे फाटक दिन रात प्रायः बंद रहता है। जिससे जिला के लोग शारिरिक, मानसिक, आर्थिक परेशानी का सामना कई दशक से करते हुए आ रहे हैं। क्योंकि सदर अस्पताल-हटिया-कोर्ट- समाहरणालय-स्टेडियम रेल फाटक के उस पार हैं। उस पार रहने वाले लोगों को आने जाने में जाम सबसे बड़ी समस्या है। आमजन को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ता है. विशेष रुप से सदर अस्पताल जाने वाले रोगी व प्रसुती महिलाओं को.कई बार रेल फाटक बंद रहने से रोगी को जान भी गंवाने का खतरा हैं। जिला के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद ने इस समस्या के निदान के लिए वर्ष 2010 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर किया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद रेल मंत्रालय व झारखंड सरकार रेस लगा सकते हैं।जिसके पश्चात रेल मंत्रालय व झारखंड सरकार रेल फ्लाई ओवर (ब्रिज) निर्माण में लगने वाली लागत राशि का आधा-आधा शेयरिंग बेसिक पर सहमत होते हुए डीपीआर बन गया। रेल मंत्रालय व झारखंड सरकार की कछुआ गति से अब तक काम शुरू नहीं होने से पुनः अरशद ने रेल फ्लाई ओवर का काम शुरू कराने के लिए रेल मंत्रालय के पदाधिकारियों समेत राज्य के मुख्य सचिव,पथ निर्माण सचिव व जिला के डीसी को प्रतिवादी बनाते हुए हाईकोर्ट में विद्वान अधिवक्ता आशीष कुमार ठाकुर के माध्यम से जनहित याचिका संख्या-6483/2023 दायर किया है। जिसकी सुनवाई होगी। अरशद के इस पहल से लोगों में हर्ष व्याप्त है। लोगों में अब आस जगी है कि अरशद के इस पहल से जल्द ही रेल ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.