भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने को “भारत माता परिक्रमा” : स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि
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नई दिल्ली : अन्तर्राष्ट्रीय संत बौधिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष, स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्मगिरी ने बताया कि भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए भारत परिक्रमा 29 प्रदेशों और दो देशों से होकर गुजरेगा। यह 16295 कि.मी. की परिक्रमा होगी।
भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने तथा गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाने के पावन संकल्प के साथ, अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक “भारत माता परिक्रमा” यात्रा का श्रीगणेश मई 2026 से किया जा रहा है।
उपर्युक्त 62 दिवसीय दिव्य यात्रा राजस्थान से प्रारंभ होकर 29 प्रदेश तथा दो राष्ट्र से गुजरते हुए 16295 किलो मीटर की यह परिक्रमा यात्रा गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, नेपाल जनकपुर, काठमांडू, विराट नगर (नेपाल), बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा होते हुए दिल्ली पहुँचेगी।
दिल्ली में भारत गणराज्य के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री को संगठन की ग्यारह सूत्री मांगों का एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। तत्पश्चात दिल्ली से परिक्रमा भारत के हृदय स्थल भारत गणराज्य राष्ट्र का केंद्र बिन्दू मध्यप्रदेश के कटनी जिला के करौंदी ग्राम पहुँचेगा। वहां भारत माता की विश्व प्रसिद्ध मूर्ति स्थापित करने भूमि पूजन कर परिक्रमा का समापन किया जायेगा। उपर्युक्त परिक्रमा बाइक के माध्यम से संपन्न होगी। यात्रा के क्रम में स्थान-स्थान पर सनातन धर्म के प्रति जागरूकता एवं हिंदू एकता का आह्वान किया जाएगा। इस परिक्रमा से भारत की पवित्र नदियों, जिन्हें हर सनातनी “मां” के रूप में पूजता है—उन सभी की एक साथ परिक्रमा का यह अद्वितीय प्रयास होगा। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और स्वाभिमान के पुनर्जागरण का महासंकल्प है। संगठन की 11 सूत्री मांग भी इसमें शामिल रहेगा। शामिल मांगों में भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाए, गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने, साधु, संतों की रक्षा के लिए विशेष कानून बनाने, लव जिहाद पर कठोर दंड संहिता कानून बनाने, धर्मांतरण पर रोक लगा कर कठोर कानून बनाने, साधु संतों 25 हजार मान्यदेय देने, तीर्थ स्थल के लिए नि:शुल्क पास उपलब्ध कराने, देश के बड़े मन्दिरों को कर मुक्त कर मन्दिर के साधु संत को देने, देश के सभी तहसील में गौशाला की व्यवस्था करने, बच्चों को सनातन धर्म के शिक्षा के लिए गुरुकुल बनाने, सभी धार्मिक स्थलों और नदियों को स्वच्छ और सुन्दर बनाने जैसी माँग है।
