बिहार सरकार सह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के स्ट्रेस मैनेजमेंट, मेंटल हेल्थ अवेयरनेस और डी एडिक्शन पर कार्यशाला सम्पन्न
apnibaat.org
बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के मझौलिया स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में बिहार सरकार सह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी के स्ट्रेस मैनेजमेंट, मेंटल हेल्थ अवेयरनेस और डी एडिक्शन पर कार्यशाला आयोजित किया गया। उपर्युक्त कार्यक्रम का श्रीगणेश कॉलेज के प्राचार्य डॉ विवेकानंद पाठक ने किया। उन्होंने ब्रह्माकुमारी सदस्यों का अभिनंदन बुके देकर किया। प्राचार्य ने अपने सम्बोधन में महाविद्यालय की गतिविधियों से विद्यार्थियों व उपस्थितजन को अवगत कराया। श्री पाठक ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया। ब्रह्माकुमारी अंजना ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के सामने पढ़ाई, कैरियर और पारिवारिक अपेक्षाओं का दबाव बढ़ रहा है, जिससे तनाव और मानसिक असंतुलन की समस्या सामान्य होती जा रही है। ऐसे समय में राजयोग मेडिटेशन मन को स्थिर, सकारात्मक और शक्तिशाली बनाने का सरल एवं प्रभावी माध्यम है। उन्होंने समझाया कि जब व्यक्ति स्वयं को आत्मा समझकर परमात्म शक्ति से जुड़ता है, तो उसके अंदर आत्मविश्वास, धैर्य और निर्णय क्षमता स्वतः विकसित होती है। सत्र के क्रम में विद्यार्थियों को कुछ मिनट का व्यावहारिक ध्यान अभ्यास भी कराया गया, जिससे वातावरण शांत और ऊर्जा से भरपूर हो गया। छात्रों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें मानसिक शांति, एकाग्रता और नई सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ।
बीके अजय भाने कहा कुछ लाइफ की घटनाओं को पास करे, वर्तमान में घटित हर एक्टिविटी को स्वीकार करें और जो आपकी चीज की नहीं है उसे इग्नोर करना, सार गर्वित अध्यात्म की बहुत ही व्यवहारिक ज्ञान (प्रैक्टिकल नॉलेज) विद्यार्थियों से साझा किया। उन्होंने बताया कि तीन त्याग, स्वीकरण और अनदेखीकरण (PASS, ACCEPT, IGNOR) को हमें नियमित (डेली रुटीन) दिन चर्या में शामिल करते हैं तो तनाव हमसे दूर रह सकता है। अर्थात तीन चीजें यथा त्याग, स्वीकरण और अनदेखीकरण (PASS, ACCEPT, IGNOR) को अपनाये तो तनाव को मुक्त (GOOD BUY) रह सकते हैं। बीके गौरव ने वीडियो के माध्यम से हमें अपनी आत्मा की बैटरी किस प्रकार से चार्ज करनी है और विपरीत परिस्थिति में हम अपने मन को कैसे एकाग्र कर सकते हैं और जीवन में आने वाली प्रत्येक चुनौति को एक अवसर में कैसे बदल सकते हैं, इसे विस्तारपूर्वक बताते हुए वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरुक किया। बीके राकेश ने बताया एकाग्रता सफल व्यक्तित्व को बनाने का आधार है, हम इन्हें चार बातों से सशक्त कर सकते हैं, बुद्धि शक्ति, स्मरण शक्ति,धन की शक्ति और आत्मविश्वास, हम कोई भी संकल्प लेते हैं तो बुद्धि उसका पिक्चर बनाती हैं और बॉडी उसे कार्य को करने का इंडिकेशन देती है, इसलिए विद्यार्थी जीवन में हमारा एक-एक संकल्प बहुत पॉजिटिव वाली होनी चाहिए, गलत संगत गलत खान-पान से दूर रहना चाहिए। अच्छी महान पुरुषों की जीवन की प्रेरणाय, अच्छे संग हमारे मन को इस शक्ति प्रदान करता है, इसलिए गलत वातावरण से हमें बचकर रहना हमारे भविष्य के लिए एक स्वर्णिम अवसर को प्रेरणादाई शक्ति बनती है। कॉलेज प्रशासन ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे सत्र विद्यार्थियों के मानसिक सशक्तिकरण और नैतिक मूल्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संकल्प और धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्पन्न हुआ।
