
बेतिया : पश्चिम चम्पारण जिला के नरकटियागंज हिमालय चित्रमंदिर परिसर आलोक विहार में आलोक प्रसाद वर्मा उर्फ़ ओम बाबू की 67 वीं जयंती मनाई गई। उल्लेखनीय है कि आलोक वर्मा किशोरावस्था से आजीवन सभी वर्ग के लोगों लिए कार्यरत रहे। उनके नजदीकी लोगों ने बताया कि वे राजनीति में एक बार जिला पार्षद बने, प्रखण्ड में प्रखण्ड विकास समिति पद पर निर्वाचित हुए और उप प्रमुख बने। उन्होंने नरकटियागंज के विकास के लिए बिना किसी पद के इतना कार्य किया, जितना विधायक, सांसद और मंत्री तक नहीं कर सके। जीवित रहने तक उनकी कमी किसी का एहसास किसी को नहीं हुआ। किन्तु मृत्यु के पश्चात् स्वतःस्फूर्त लाखों लोगों का शामिल होना उनके व्यक्तित्व को प्रदर्शित करने को पर्याप्त है।
उनकी 67 वीं जयंती पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य जाँच कर दवा भी वितरित किया गया।
शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन उनकी पत्नी निवर्तमान विधायक रश्मि वर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शामिल लोगों की चिकित्सा जाँच शिविर के उपरांत भोजन कराया गया। उनके प्रशंसकों ने बताया कि उनके जीने का अंदाज ही कुछ यूँ कि हवा के रुख की मुखाल्फ़त कर हवा का रुख मोड़ देना। उनकी नीति अविश्वसनीय और अविस्मरणीय रही।
जयंती समारोह में शामिल लोगों ने कहा कि लोग नेता बन सकते हैं, अलबत्ता आलोक(ओम बाबू) बनना नामुमकिन है। उनके बताए मार्ग पर कई अपनी राजनीति चमका रहे हैं। शिकारपुर राजनीतिक घराना और जिला की राजनीति में विधायक, सांसद और मंत्री भी बने, किन्तु अबतक उनके कद तक कोई नहीं पहुँच सका है।
शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन उनकी पत्नी निवर्तमान विधायक रश्मि वर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में शामिल लोगों की चिकित्सा जाँच शिविर के उपरांत भोजन कराया गया। उनके प्रशंसकों ने बताया कि उनके जीने का अंदाज ही कुछ यूँ कि हवा के रुख की मुखाल्फ़त कर हवा का रुख मोड़ देना। उनकी नीति अविश्वसनीय और अविस्मरणीय रही।
जयंती समारोह में शामिल लोगों ने कहा कि लोग नेता बन सकते हैं, अलबत्ता आलोक(ओम बाबू) बनना नामुमकिन है। उनके बताए मार्ग पर कई अपनी राजनीति चमका रहे हैं। शिकारपुर राजनीतिक घराना और जिला की राजनीति में विधायक, सांसद और मंत्री भी बने, किन्तु अबतक उनके कद तक कोई नहीं पहुँच सका है।

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