
स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण का सशक्त मॉडल ‘जीएमसीएच’ की दीदी की रसोई
दो वर्ष पूरा किया, 26 जीविका दीदियों की आजीविका का आधार बनी दीदी की रसोई,
बेतिया: पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया स्थित जीएमसीएच (गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) परिसर में संचालित ‘दीदी की रसोई’ ने सफल दो वर्ष पूरा किया। दूसरे वर्षगांठ को उल्लास पूर्वक मनाया, नये वर्ष का श्रीगणेश के साथ उन्होंने अपनी सेवा यात्रा का एक और सफल वर्ष पूरा किया। इस अवसर पर दीदी की रसोई की भूमिका और उपलब्धियों की प्रशंसा की गई। विगत दो वर्ष से दीदी की रसोई अस्पताल के रोगियों और उनके परिजनों को निरंतर स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। बताया गया कि रोगी के परिजन एवं अस्पताल आने वाले आगंतुक भी उचित मूल्य पर स्वादिष्ट एवं स्वच्छ भोजन प्राप्त करते हैं। जिससे अस्पताल परिसर में भोजन की एक विश्वसनीय और सुलभ व्यवस्था विकसित हुई है। उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व दीदी की रसोई का शुभारंभ किया गया। उसके बाद से अब तक जीविका दीदियों ने पूरी निष्ठा, अनुशासन और गुणवत्ता पूर्वक सेवा उपलब्ध करा रही हैं। दूसरे वर्षगाँठ पर एक सादा समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें दीदी की रसोई से जुड़ी जीविका दीदियों ने केक काटकर एक-दूसरे को बधाई दिया। इस कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक सहित जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक आरके निखिल, बेतिया सदर की प्रखंड परियोजना प्रबंधक आरुषि कुमारी, एरिया कोऑर्डिनेटर अरविंद कुमार एवं जिला के सभी विषयगत प्रबंधक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जीविका के नॉन फ़ार्म मैनेजर सोहेल राज ने बताया कि इस पहल से कुल 26 जीविका दीदियों को रोजगार का सीधा अवसर मिला है, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिला है। यह पहल आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और जनसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है। इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक आरके निखिल ने दीदी की रसोई के सफल संचालन के लिए जीविका दीदियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह पहल स्वास्थ्य सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल है, जो आने वाले समय में और अधिक लोगों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
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